जमीन विवाद में खूनखराबा: समझौते के बाद भी ताबड़तोड़ फायरिंग, गोली लगने से युवक की मौत

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जमीन को लेकर खूनी संघर्ष की एक और घटना शुक्रवार को सामने आई। एक बीघा जमीन को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के तीन-चार लोगों को घेरकर अंधाधुंध फायर किए, जिसमें एक युवक की गोलियां लगने से मौत हो गई। मामला नूराबाद थाना क्षेत्र के धनेला गांव का है।

जमीन की रजिस्ट्री न कराना बना विवाद की जड़

रामनाथ गुर्जर और शिवराम पटेल दोनों में अच्छे पारिवारिक संबंध थे। कुछ साल पहले रामनाथ ने एक बीघा जमीन शिवराम पटेल को बेची थी। इस जमीन की रजिस्ट्री शिवराम पटेल ने नहीं करवाई। कुछ समय पहले रामनाथ गुर्जर की मौत हो गई, इसके बाद रामनाथ के बेटे रामलखन ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं की, क्योंकि जमीन के भाव पहले की तुलना में बहुत बढ़ गए हैं। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था।

दो दिन पहले सुलझा था मामल

दो दिन पहले समाज की पंचायत हुई, जिसमें तय हुआ कि एक बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवाने के एवज शिवराम को 10 लाख रुपये रामलखन को देने होंगे। इस पर दोनों पक्ष राजी भी हो गए। इसी के बाद शुक्रवार को शिवराम, उसके स्वजन सियाराम गुर्जर, रामू गुर्जर खेत को जोतने गए।

शाम 5 बजे खेत की जुताई करने के बाद रामू व अन्य स्वजन लौट आए। इसी दौरान दूसरे पक्ष में चार-पांच लोग बंदूक, कट्टे लेकर आए। रामू के हाथ में बंदूक देखकर सबसे पहले उसी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। रामू को तीन गोली लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक आरोपित पक्ष ने 40 से अधिक फायर किए। रामू की हत्या के बाद आरोपित पक्ष के लोग घरों पर ताले लगाकर भाग निकले। खबर लिखे जाने तक इस मामले में एफआइआर नहीं हुई है।

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