बिलासपुर में स्कूल ब्लास्ट मामले में पुलिस ने चार स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान सबूत मिलने के बाद आठवीं कक्षा के दो छात्र और दो छात्राओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को यह भी पता चला कि ब्लास्ट का असली टारगेट चौथी कक्षा की छात्रा नहीं, बल्कि स्कूल की एक शिक्षिका थी।
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी स्टूडेंट्स ने शिक्षिका को निशाना बनाने के लिए पटना से ऑनलाइन विस्फोटक मंगवाया था। हालांकि, इस विस्फोट की चपेट में चौथी कक्षा की छात्रा स्तुति मिश्रा आ गई और बुरी तरह झुलस गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आठवीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर विस्फोटक को स्कूल के टॉयलेट में रखा था। इन स्टूडेंट्स का दावा था कि वे इसे केवल शरारत के तौर पर कर रहे थे, लेकिन यह घटना इतनी गंभीर थी कि इसमें किसी की जान भी जा सकती थी।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग कर किसी को आहत करना) के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके बाद, जेजे एक्ट के तहत चारों आरोपी स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया गया। जल्द ही उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
घटना शुक्रवार सुबह सेंट विंसेंट पलोटी स्कूल में हुई, जब परीक्षा के दौरान सुबह 10:15 बजे टॉयलेट में विस्फोट हुआ। इस दौरान चौथी कक्षा की छात्रा स्तुति मिश्रा बाथरूम गई थी, जहां विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शनिवार को घटना से नाराज अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने छह स्टूडेंट्स को निष्कासित कर दिया।
