महादेव सट्टा एप मामला: ईडी की तलाश के बावजूद दुबई में कथा में शामिल हुए प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल

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सोशल मीडिया में महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। दोनों ही दुबई में हैं। दरअसल, वहां पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा चल रही है। इस दौरान शूट किए गए वीडियो में दोनों अपने परिवार के साथ दिखे थे, जिसके बाद ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगे।

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में शामिल होने पहुंचे थे। दुबई के ली मेरिडियन होटल एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर एयरपोर्ट रोड गरहौद में यह कार्यक्रम नौ से 11 दिसंबर तक आयोजित किया गया था।

इधर, ईडी और पुलिस दोनों की आरोपितों की तलाश में लगी हैं। उधर, दोनों ही दुबई में खुलेआम घूम रहे हैं। कुछ महीने पहले सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की खबर आई थी। मगर, दुबई से सामने आ रहे वीडियो में वह खुलेआम घूमते दिख रहा है।

कभी जूस की दुकान चलाता था चंद्राकर

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस की दुकान चलाता था। फिर एक समय ऐसा आया, जब उसने छत्तीसगढ़ की सरकार को हिला देने वाला महादेव सट्टा एप चलाया, जिसके चलते उसने करोड़ों रुपए की काली कमाई की।

वह आज एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट का सरगना बन गया है। उस पर 5,000 करोड़ रुपए के सट्टेबाजी रैकेट चलाने का आरोप है। इंटरपोल की तरफ से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

मामले की जांच के दौरान ईडी ने दावा किया था कि इस नेटवर्क में देशभर में फैले 4,000 से ज्यादा ‘पैनल ऑपरेटर’ थे। इस धंधे से दोनों आरोपी रोजाना कम से कम 200 करोड़ रुपए कमाते थे।

बताते चलें कि सौरभ चंद्राकर इस सट्टे के खेल का मुख्य आरोपित है। सौरभ ने भिलाई में ‘जूस फैक्ट्री’ के नाम से जूस की दुकान खोली थी और उसी दौरान उसकी दोस्ती इंजीनियर रवि उप्पल से हुई। साल 2017 में रवि और सौरभ ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से पैसा कमाने के लिए वेबसाइट बनाई थी।

इसके बाद सौरभ और रवि साल 2019 में दुबई चले गए। दोनों ने मिलकर महादेव बुक ऑनलाइन के नाम से एक बेटिंग वेबसाइट और एप बनाया। इसके बाद इस एप को प्रमोट करना शुरू कर दिया। सौरभ ने इंटरनेट मीडिया मार्केटिंग और इन्फ्लुएंसर के माध्यम से एप को प्रमोट करवाया। इसके साथ ही सट्टा लगाने वाले दूसरे एप और वेबसाइट को भी खरीद लिया।

टायर की दुकान चलाता था रवि उप्पल

कुछ ऐसी ही कहानी रवि उप्पल की भी है। वह भी कभी भिलाई के सुपेला दक्षिण गंगोत्री में टायर की दुकान चलाता था। नेहरू नगर में वह अपने पिता के खरीदे घर में रहता था। उसके पिता भिलाई इस्पात संयंत्र में बड़े पद से रिटायर हुए थे।

आरोप है कि सौरभ चंद्राकर का दायां हाथ माने जाने वाले रवि उप्पल ने महादेव एप के जरिए 6000 करोड़ का हेरफेर किया है। बताते चलें कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस खेल की जांच में छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच ईडी कर रही है।

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