मरोगे तुम भी, मरेंगे हम भी!
कोई लड़ के, कोई डर के!!
मां भारती की आज़ादी के लिए लड़ मरने वाले परिवार का सदस्य अमित बघेल!
लूट, हत्या, रेप का आरोपी नही है!
बलौदाबाजार अग्निकांड में एक लंबे अंतराल के बाद उनकी गिरफ्तारी भी संदेहास्पद है क्योंकि यह गिरफ्तारी तब हुई जब राजधानी में छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ती खंडित होने के मामले में अमित बघेल को तथाकथित हेट स्पीच का आरोपी बनाया गया उनके साथ दिनेश वर्मा और अजय यादव की गिरफ्तारी भी एकतरफा राजनीतिक द्वेषपूर्ण कार्रवाई ही लगती है?
हाईकोर्ट ने तीनों को जमानत देने से मना कर दिया जबकि गंभीर मामलों के आरोपी सैकड़ों आपराधिक आरोपों के बाद बेल पर हैं, होते हैं?

अमित बघेल और साथियों पर लगे आरोप, छत्तीसगढ़ की रूढ़ि परम्पराओं के संरक्षण में किये गए जनआंदोलनों के चलते है!
क्षेत्रीय अस्मिता, जल जंगल जमीन के लिए आंदोलन, छत्तीसगढ़िया अधिकारों के लिए उलगुलान आदि!
प्रदेश के समाज प्रमुखों, बुद्धिजीवियों और तमाम प्रदेशवासियों को इन हालातों का संज्ञान लेना चाहिए और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की जानी चाहिए!
Gajendra Rath ‘GRV’

