नक्सल मुक्त हुआ छत्तीसगढ़!
प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दी सरकार को बधाई!
कहा, सरकार और जनता के बीच मजबूत विश्वास की शुरुआत!
आज 31 मार्च 2026, यह वही दिन है जिसकी घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही कर दी थी और आज इस ऐतिहासिक दिन छत्तीसगढ़ में शांति की नई पटकथा लिखी जा रही है!
लगभग चार दशकों से माओवाद का दर्द झेलते बस्तर की तकदीर पर आज सुकून की स्याही से शांति लिखी जा रही है, बीजेपी की सरकार ने जो घोषणा की थी आज वह पूरी हुई।
तो क्या अब बस्तर में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी?
क्या बस्तर मुख्यधारा से जुड़कर विकास की तेज रफ्तार में शामिल होने तैयार है?
अब क्या बस्तर में मूलभूत ज़रूरतें पूरी होगी?
बस्तर का सिधवा और शांत आदिवासी कॉर्पोरेट का हिस्सा बनने पूरी तरह तैयार हैं?
तमाम सवाल मन में कौंध रहे हैं, चार दशकों से लहूलुहान होता बस्तर क्या अपनी आने वाली पीढ़ी को स्मार्ट दुनिया में देखने के लिए तैयार है?
सवाल बहुत से हैं और इनका जवाब वक्त ही देगा।
रत्नगर्भा छत्तीसगढ़ कॉर्पोरेट की आंखों में चमक पैदा करता है क्योंकि इस धरती की कोख में तमाम महंगे खनिज देश को विकसित करने का सामान बने बैठे हैं, जरूरत है बस इन सामानों को देशहित में खर्च करने की, लेकिन क्या सरकारें ईमानदार तरीके से इस काम को अंजाम दे रही है?
यकीनन किसी भी देश और देशवासियों को विकास की बड़ी कीमत चुकानी होती है, हमें सुख और संसाधनों के लिए सुकून दांव पर लगाना होता है और छत्तीसगढ़ अभी वही कर रहा है अपनी मौलिक पहचान अपना सीधापन और अपना सुकून विकास की बिसात पर दांव लगाए बैठा है।
सपने बहुत हैं लेकिन खुली आंखों से उन सपनों की हकीकत भी हम देख रहे हैं, हमारे जंगल पहाड़ नदियां अब हमारे नहीं हैं बल्कि कॉर्पोरेट एजेंसियों ने इन्हें सरकारों से खरीद रखा है, तो फिर हमारा क्या है?
हमारा है एक स्वप्न मरीचिका, हमारा है विकास की चमचमाती रंगीनियों में दमकते रौशन चित्रपट!
सच्चाई बस इतनी सी है कि आप जिसे पाना चाहते हैं उसे पाकर सब कुछ खो देने वाले हैं, सब कुछ यानी क्या? सब कुछ यानी हमारी विरासतें जल जंगल और जमीनें!
सच है! नक्सलवाद एक नासूर ही तो था जो बार-बार इंसानियत को जख्म देता था, लहू लुहान करता था, न जाने कितने लोग इस माओवाद ने हमारे हमसे छीन लिए।
आज जब नक्सल मुक्त होने की घोषणा हो रही है तो छत्तीसगढ़ महतारी की छाती जरूर प्रफुल्लित है, अब किसी बेगुनाह का खून इस गोद को लाल नहीं करेगा, क्योंकि लाल आतंक अब खत्म हुआ!
राजनीति केवल सत्ता पाने का खेल मात्रा ना हो बल्कि यह सेवा का ऐसा विकल्प हो जो देश और गणराज्यों की दशा और दिशा तय करें और सच में आज छत्तीसगढ़ के साथ ही भारत की दशा और दिशा तय हुई है इसके लिए मौजूदा सरकार बधाई के पात्र हैं।
छत्तीसगढ़ महतारी के उस मूलनिवासी बेटे को भी आज सुकून की नींद आएगी जो इस प्रदेश का मुख्यमंत्री ही नहीं पालक भी है, माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कार्यकाल अमरत्व को पा चुका है, वे युगों युगों तक याद किए जाएंगे क्योंकि उन्होंने इस मिट्टी को इस मिट्टी के ही संतानों के खून से रंगने वाले नरपिशाचों का खात्मा किया है।

प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना छत्तीसगढ़ की मौजूदा विष्णु देव सरकार को नक्सल उन्मूलन के लिए बहुत बधाई देती है और उम्मीद करती है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूल निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और आम छत्तीसगढ़िया अधिकारों के लिए बहुत जवाबदार बनेगी।
