मकानों में पड़ रही दरारें, खेतों तक पहुंच रहे ब्लास्टिंग के पत्थर मूरा में हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत!
खरोरा तहसील के समीपस्थ ग्राम मुरा में लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। तेज धमाकों की गूंज से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे धमाकों से घरों में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे मकानों में दरार पड़ गयी है।
ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के टुकड़े खेतों, तालाबों एवं आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

ज्ञात हो कि बंगोली में माइनिंग ऑफिस है, जहां केवल पत्थर लेकर जाने वाले ट्रैक्टर, हाईवा वालों से वसूली का आरोप लगाया जा रहा है, किसी तरह से माइनिंग नियमावली का पालन उपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा नही करता जाता, बल्कि आरोप है की खदान संचालकों को लाभ पहुंचाने नियम के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है?
सुरक्षा पर गंभीर सवाल
बारूद के महाविस्फोट दर्जनों पत्थर खदान के मालिक कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ब्लास्टिंग स्थल से मात्र 100 मीटर दूरी पर लक्ष्मीसागर तालाब स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्नान करते हैं।

वहीं बस्ती से लगभग 500 मीटर दूरी पर विस्फोटक ब्लास्टिंग किए जाने से ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल जांच कर ब्लास्टिंग पर रोक लगाने तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामवासी उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन एवं जनआंदोलन करने बाध्य होंगे, जिसके जिम्मेदार माईनिंग प्रशासन व पत्थर खदान मालिक होंगे ।

इस मामले पर प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश प्रवक्ता ने संज्ञान लेते हुए जनभावना के अनुरूप अधिकारियों से चर्चा की और जल्द से जल्द माइनिंग नियमावली का पालन करने तमाम खदान संचालकों की बैठक आहूत करने कहा है।
CKS ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ी चेतना रैली का आह्वान भी किया है, इसके लिए आस पास के प्रभावित ग्रामीणों संग बैठकें जारी है!
