छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद!
नक्सलवाद को खत्म करना इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि: गजेंद्ररथ
केंद्र में भारतीय जनता पार्टी ने आर्टिकल 370, राम मंदिर और न जाने क्या-क्या ऐतिहासिक परिवर्तन कर दिए जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी की तारीफ बनती है!
सच में इस पार्टी ने वह कर दिखाया जो आज तक के किसी सरकार ने नहीं किया था, यह तो रही बात केंद्र की लेकिन छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने कुछ इसी तरह का कारनामा करते हुए प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या नक्सलिज्म को खत्म कर दिया है!
जी हां! वह आखरी नक्सली जिसका इंतजार 31 मार्च कर रही थी इस तारीख से पहले ही उस अंतिम नक्सली पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ आखिरकार आत्म समर्पण कर ही दिया।
नक्सलियों द्वारा आत्म समर्पण के इस क्रम में सबसे ज्यादा चर्चित रहे हैं बस्तर के पत्रकार रानू तिवारी, बिंदास बेहचक बिना डर के नक्सल मांद में घुसकर उन्हें आत्मसमर्पण के लिए तैयार करना यकीनन एक ऐतिहासिक काम है और इस काम के एवज में पत्रकार रानू तिवारी एक राष्ट्रीय पुरस्कार के हकदार बनते हैं।
मैं लगातार सरकारों को उनके कामों उनकी गलतियों पर घेरता रहा हूं क्योंकि यह हम पत्रकारों की प्रवृत्ति के साथ ही कर्तव्य भी है कि हम सत्ता में बैठे लोगों को उनकी जिम्मेदारियां बताते रहें ताकि सरकारें निरंकुश ना हो!
छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद से ही इस प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, भाषाई पहचान ही महत्वपूर्ण रही है लेकिन क्योंकि मध्य हिंदी भाषा क्षेत्र होने के कारण लगातार इस क्षेत्र में उत्तर भारतीयों ने अपना आधिपत्य जमाया और लगभग आम छत्तीसगढ़ियों का अधिकार लूट लिया था! इसी कारण इस क्षेत्र के रहने वालों ने अपनी पहचान, अपनी परंपरा, अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के लिए रण खोला है, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के रूप में और यह उनका अधिकार भी है लेकिन सरकार भी उन्हीं की बनाई हुई है, इसलिए सरकार में जो भी अच्छा होता है उसकी सराहना करना एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है और यह पहचान हमेशा बनी रहनी चाहिए!
गजेंद्ररथ ‘गर्व’
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ, प्रदेश प्रवता CKS
