छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खर्वे में कथित रूप से शराब में जहर मिलाकर हत्या किए जाने के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राम साय जायसवाल को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों की माने तो पुलिस ने शनिवार से ही मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
जानकारी के मुताबिक कसडोल पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या के 8 तथा धारा 123 के तहत अपराध करने के इरादे से जहर देने सहित कुल 9 अपराध दर्ज किए हैं। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र में भारी चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया था।
मजाक उड़ाने पर बनाया मारने का प्लान
हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी लोगों के मजाक या छोटी-छोटी बातों को लेकर दुश्मनी पाल लेता था और उसे जान से मारने की प्लानिंग करता था। इस दौरान 3 महीने में 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। कसडोल पुलिस ने आरोपी राम सहाय के खिलाफ हत्या के 8 और जहर देने की धारा के तहत कुल 9 FIR दर्ज की हैं। मंगलवार को पुलिस रामसहाय को उसके घर, दुकान और घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां से शराब में मिलाया जाने वाला जहरीला पदार्थ जब्त किया गया। इस दौरान आरोपी को देखकर गांव के लोग बेहद आक्रोशित हो गए और उसे देखकर गालियां देने लगे।
बलि की आशंका से सहम गए थे गांव वाले
पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान गांव में यह चर्चा हो रही थी कि कहीं 8 लोगों की बलि तो नहीं चढ़ा दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, सभी मृतकों ने व्यापारी द्वारा दी गई शराब का सेवन किया था, जिसके बाद बारी-बारी से 3 महीने में 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं मौतों के बाद गांव में यह बात जोर पकड़ रही थी कि कहीं यह गड़े धन को पाने के लिए की गई बलि तो नहीं है?
हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान इन सभी बातों को नजरअंदाज कर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने एक माह पूर्व दफन किए गए मृतक महेतरू साहू के शव को कब्र से निकलवाकर फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम कराया। वहीं पूछताछ के दौरान पुलिस मुख्य आरोपी राय साय जयसवाल तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद अपना गुनाह कबूला।

इन 8 लोगों को मार डाला
6 फरवरी 2026 – बद्री पटेल: आरोपित के साथ अक्सर गाली-गलौज करता था और शराब पिलाने के लिए दबाव बनाता था। बद्री को पहला शिकार बनाया गया।
20 फरवरी 2026- बुठालू साहू: समाज को गाली देने और पुराने चुनावी विवाद को लेकर आरोपी उससे नाराज था।
12 मार्च 2026 – छत्तूराम साहू: आरोपित को संदेह था कि छत्तूराम उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। इसी प्रतिशोध में उसकी हत्या की गई।
20 मार्च 2026 – बुधराम जायसवाल: जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण उसे निशाना बनाया गया।
31 मार्च 2026 – विनोद कुमार साहू: लगातार गाली-गलौज करने से नाराज होकर आरोपी ने उसे जहर मिली शराब पिला दी।
28 अप्रैल 2026 – गजानंद मांझी: आरोपित को शक था कि गजानंद बैगा-गुनिया कर उस पर टोना-टोटका करता है, जिसके कारण उसका जीवन परेशानियों से घिरा हुआ है।
29 अप्रैल 2026 – चैतूराम साहू: आरोपित ने उससे 50 हजार रुपये उधार लिए थे। ब्याज चुकाने से बचने के लिए हत्या की योजना बनाई गई।
14 मई 2026 – महेतरूराम साहू: वर्ष 2023 के चुनाव के दौरान हुए झगड़े और बाद में ताने मारने की बात को लेकर उसकी हत्या कर दी गई।
