छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से एक अहम न्यायिक फैसला सामने आया है, जहां हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका के किसी कर्मचारी को सीधे नगर निगम में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
जस्टिस P. P. Sahu की एकल पीठ ने इस टिप्पणी के साथ राज्य सरकार के ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया।
यह मामला कुम्हारी नगर पालिका के मुख्य नगर अधिकारी नेतराम चंद्राकर से जुड़ा है, जिनका तबादला राज्य सरकार ने रायपुर नगर निगम में जोन कमिश्नर के पद पर कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।याचिका में कहा गया कि नगर पालिका और नगर निगम दो अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयां हैं और इनके लिए अलग कानून लागू होते हैं। ऐसे में सीधे ट्रांसफर करना नियमों के खिलाफ है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि दोनों अधिनियमों में स्पष्ट रूप से अलग-अलग संस्थाओं के लिए अलग ट्रांसफर प्रावधान हैं। किसी भी कानून में यह नहीं लिखा है कि नगर पालिका कर्मचारी को नगर निगम में स्थानांतरित किया जा सकता है।कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता पहले रायपुर नगर निगम में कार्यरत था, लेकिन वह प्रतिनियुक्ति के आधार पर था, न कि ट्रांसफर से।
