शराब घोटाला: व्हाट्स ऐप चैट ने किया बड़ा खुलासा…पढ़िए!

Date:

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। EOW द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, घोटाले की काली कमाई से तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा के भतीजे के नाम पर एक पूरी सीमेंट फैक्ट्री खरीदी गई थी। इस पूरे खेल का पर्दाफाश आरोपियों के बीच हुई वॉट्सऐप चैट से हुआ है।
EOW की चार्जशीट के मुताबिक, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने घोटाले के पैसों का इस्तेमाल अपने भतीजे कवासी भीमा के नाम पर संपत्ति खरीदने में किया।

जगदलपुर में स्थित “रुद्र सीमेंट कंपनी”, जो पिछले 20-25 सालों से बंद पड़ी थी, को 2020 में खरीदा गया। 10 एकड़ में फैली इस फैक्ट्री का सौदा इसके मालिक पी.आर. अग्रवाल से किया गया।
दस्तावेजों में हेरफेर करने के लिए केवल 15 लाख रुपए का भुगतान बैंक खाते से दिखाया गया, जबकि बाकी की करोड़ों की रकम नकद में किस्तों में दी गई। चार्जशीट में बताया गया है कि करीब 2.75 करोड़ रुपए रायपुर में और 1.10 करोड़ रुपए जगदलपुर में नकद दिए गए थे।
जांच एजेंसी का सबसे बड़ा हथियार आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य हैं।

EOW ने आरोपी अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, विकास अग्रवाल और नितेश पुरोहित के बीच हुई वॉट्सऐप चैट को खंगाला, जिससे इस पूरे सिंडिकेट के काम करने का तरीका सामने आ गया। इन चैट्स में कमीशन के बंटवारे, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन से जुड़े कई अहम मैसेज मिले हैं। EOW ने इन सभी सबूतों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

More like this
Related

जनगणना 2026 और मातृभाषा छत्तीसगढ़ी…पढ़ें गजेंद्ररथ का विश्लेषण!

'छत्तीसगढ़ी' पहले आठवीं अनुसूची में शामिल कराने आंदोलन करना...

खरोरा कांग्रेस के मिराज बने बूथ अध्यक्ष…पार्टी प्रमुखों ने दी बधाई!

कांग्रेस से मिराज ख़ान बने बूथ अध्यक्ष तिल्दा खरोरा: क्षेत्र...