छत्तीसगढ़ में रेत माफिया को किसका संरक्षण?

Date:

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में महानदी के अंदर अवैध रेत खनन का कार्य बेधड़क जारी है। रेत माफिया नदी के अंदर आधा किलोमीटर तक कच्ची सड़क बनाकर बड़े पैमाने पर रेत निकाल रहे हैं। इस अवैध गतिविधि को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो इन्हें न प्रशासन का डर है और न ही कानून का।

रेत माफियाओं ने नदी के अंदर आधा किलोमीटर तक मुरूम डाल कर कच्ची सड़क बना दी है। जिस पर भारी वाहन जैसे हाईवा ट्रक और चैन माउंटेन आसानी से चल सकें। रेत में गाड़ियां न फंसें इसके लिए नदी की सतह पर मुरुम बिछा कर मैदान बना लिया है। यह काम कोई एक-दो दिन की बात नहीं, बल्कि महीनों से जारी संगठित अवैध खनन की कहानी है। अवैध खनन का यह काम रात में होता है। जहां रात के अंधेरे में नदी के अंदर तक बड़े बड़े चैन माउंटेन एवं हाइवा से रेत का अवैध खनन होता है और सुबह बंद कर दिया जाता है।

ग्रामीणों ने कुछ भी बताने से किया इंकार

शुक्रवार सुबह जब संवाददाता ने मौके का जायजा लिया, तो घाट पर चैन माउंटेन खड़ी मिली। वहीं नदी के ऊपर बनी एक झोपड़ी में रह रहे रेत माफिया के कुछ लोग दिखे, जो मीडिया को देखते ही छिप गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घाट की अब तक कोई आधिकारिक नीलामी नहीं हुई है। इसके बावजूद यहां से नियमित रूप से रेत निकाली जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों से जब इस विषय में बात करने की कोशिश की गई, तो किसी ने भी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो वे माफियाओं के दबाव में हैं, या फिर अवैध खनन में किसी स्तर पर सहमति शामिल है।

सवालों के घेरे में खनिज विभाग

प्रशासन, खनिज विभाग और राजस्व विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है। क्या यह महज़ लापरवाही है, या फिर इस गोरखधंधे में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी है? जहां एक ओर सरकार राज्य को राजस्व बढ़ाने के लिए नीतियां बना रही है। वहीं दूसरी ओर इस प्रकार का अवैध खनन सीधे तौर पर पर्यावरण एवं शासन के राजस्व को नुकसान पहुँचा रहा है। अब यह आवश्यक है कि शासन इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर सख्त कदम उठाए और दोषियों को न्याय के कठघरे में खड़ा करे, ताकि भविष्य में ऐसे गैरकानूनी कार्यों पर रोक लगाई जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

More like this
Related

सीरियल किलर का कबूलनामा: 3 महीने में 8 लोगों को क्यों और कैसे मारा…पढ़िए!

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत...

फायर, कायर और सिस्टम! परिपेक्ष्य: भरत तिवारी एनकाउंटर! पढ़िए गजेंद्ररथ का ज्वलंत आलेख!

फायर, कायर और सिस्टम! परिपेक्ष्य: भरत तिवारी एनकाउंटर! देश की परिस्थियाँ...

रायपुर: CPM ने सौंपा ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो: गजेंद्ररथ गर्व

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने सीपीएम ने सौंपा ज्ञापन,...

23 जून को रायपुर: धरसींवा में इकठ्ठे होंगे प्रदेशभर के पत्रकार!

23 जून को धरसींवा में इकठ्ठे होंगे प्रदेशभर के...