उपसरपंच चुनाव: चाय ठेले से उपजा विवाद थाने तक… पूरी खबर पढ़ें!

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ग्राम पंचायत गुमा में उपसरपंच चुनाव के बाद बढ़ा तनाव, निजी होटल में चाय पर मचा बवाल

ग्राम पंचायत गुमा में हाल ही में हुए उपसरपंच चुनाव में नितेश कुमार साहू ने 14-6 के अंतर से चूड़ामणि साहू को हराकर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव के नतीजे के बाद समर्थकों के बीच हलचल थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामला इतना बढ़ जाएगा कि थाने और एसपी ऑफिस तक पहुंच जाएगा।

चाय के बहाने तंज, फिर बढ़ा विवाद

चुनाव के अगले ही दिन सुबह, ग्राम गुमा की एक निजी होटल में चूड़ामणि साहू और पंच व्यास नारायण शर्मा की मुलाकात हुई। होटल में बैठे लोग चाय की चुस्कियों में व्यस्त थे कि तभी चूड़ामणि साहू ने व्यास नारायण शर्मा की ओर देखकर मज़ाकिया लहजे में कहा,

“महाराज जी, चलो चाय पिला दो!”

इस पर व्यास नारायण शर्मा ने भी बिना देर किए तंज कसते हुए जवाब दिया,

“कहां हैं तुम्हारे 10 पंच?”

बस, इतना कहना था कि माहौल गर्म हो गया। चूड़ामणि साहू को यह टिप्पणी चुभ गई क्योंकि चुनाव में उन्हें केवल 6 वोट ही मिले थे, जबकि नितेश कुमार साहू को 14 वोट मिले थे। इस कटाक्ष को सुनकर चूड़ामणि साहू भड़क गए और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

तू-तू, मैं-मैं से थप्पड़ तक पहुँची बात

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यास नारायण शर्मा ने चूड़ामणि साहू पर कुछ और भड़काऊ टिप्पणियाँ कीं, जिससे गुस्से में आकर चूड़ामणि ने व्यास नारायण को थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ पड़ते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ने लगे।

थाने और एसपी ऑफिस तक पहुँचा मामला

थप्पड़ कांड के बाद व्यास नारायण शर्मा गुस्से से भरे हुए थे। उन्होंने तुरंत अपने समर्थकों और पंचों को इकट्ठा किया और पूरे दल-बल के साथ उरला थाना पहुँच गए। वहाँ पुलिस के सामने उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला और बिगड़ गया।

इसके बाद व्यास नारायण शर्मा और उनके समर्थकों ने रायपुर एसपी ऑफिस का रुख किया। वहाँ उन्होंने चूड़ामणि साहू के खिलाफ उचित कार्रवाई की माँग की।

राजनीतिक रंग लेता विवाद

इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। पंचायत चुनाव के बाद आमतौर पर ऐसी गुटबाजी देखने को मिलती है, लेकिन इस तरह का खुला विवाद दुर्लभ होता है। कई लोग इसे चुनावी रंजिश का परिणाम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत अहंकार की टकराहट बता रहे हैं।

गांव के लिए अपील – शांति बनाए रखें

इस घटना के बाद पंचायत के वरिष्ठ लोग और समाज के समझदार नागरिक शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। *भूपेश कुमार साहू(बंटी)* ने कहा:

“हम सब एक ही गांव के लोग हैं। हमें मिल-जुलकर चलना चाहिए और किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहिए। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन भाईचारा बना रहना चाहिए।”

क्या होगा आगे?

फिलहाल, पुलिस प्रशासन मामले की जाँच में जुटा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और यह मामला कितनी दूर तक जाता है। क्या यह झगड़ा यहीं खत्म हो जाएगा, या फिर पंचायत की राजनीति में इसकी छाया लंबे समय तक बनी रहेगी?

ग्राम पंचायत गुमा में आगे क्या होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

छत्तीसगढ़िया भाई-बहिनी की रिपोर्ट

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