कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला मामला: सूर्यकांत तिवारी की संपत्ति कुर्क!

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रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में जेल में बंद कांग्रेस नेता सूर्यकांत तिवारी की संपत्ति को अटैच कर लिया है। तिवारी की लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत कुर्क किया गया है। ईडी ने बताया कि 30 जनवरी 2025 को 100 से अधिक चल और अचल संपत्तियां, जिनमें बैंक बैलेंस, वाहन, नकदी, आभूषण और जमीन शामिल हैं, का कुल मूल्य 49.73 करोड़ रुपये है।

कोयला वसूली घोटाला

ईडी के अनुसार, तिवारी और उसके सहयोगियों ने छत्तीसगढ़ में कोयला ट्रांसपोर्टरों से अवैध रूप से वसूली की थी। जांच में पता चला कि एक निजी समूह ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों के साथ मिलकर 2020 से 2022 के बीच प्रति टन कोयले पर 26 रुपये की वसूली की थी, जिसके परिणामस्वरूप 540 करोड़ रुपये की अपराध आय हुई।

अवैध धन का चुनावी इस्तेमाल

ईडी ने बताया कि इस धन का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने के साथ-साथ चुनावों में भी किया गया था। इसके अलावा, इस धन का इस्तेमाल विभिन्न संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए भी किया गया।

अन्य आरोपी और संपत्तियां

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी सौम्या चौरसिया और कई अन्य राजनेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों से संबंधित 55.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी कुर्क की हैं। इन संपत्तियों में आईएएस अधिकारी रानू साहू, समीर बिश्नोई और अन्य शामिल हैं। अब तक ईडी ने 270 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है और 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे की जांच जारी है।

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