सुरूज सम्मान 2026 : लोक प्रतिभाओं के सम्मान का सुरूज उत्सव

Date:

सुरूज सम्मान 2026 : लोक प्रतिभाओं के सम्मान का सुरूज उत्सव


अंतरराष्ट्रीय भरथरी गायिका सुरूज बाई खांडे जी की जयंती के पावन अवसर पर सुरूज ट्रस्ट द्वारा टाटामारी, केशकाल में चौथे सुरूज सम्मान समारोह 2026 का सफल आयोजन किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य उन स्थानीय प्रतिभाओं और व्यक्तित्वों को पहचान देना एवं सम्मानित करना है, जो समाज, कला, संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रों में अपने उल्लेखनीय कार्यों से निरंतर योगदान दे रहे हैं।
इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले

प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को सुरूज सम्मान से अलंकृत किया गया —
साहित्य –डॉ. किरण नीरूटी, शिव कुमार पांडे
पत्रकारिता (प्रिंट मीडिया) – मनोज गोयल
पत्रकारिता (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) – प्रकाश नाग
काष्ठ कला – गंगा देवी भट्ट, राजकुमार कोर्राम
लौह शिल्प – सुरेश पोयाम, अगरबत्ती पोयाम
पीतल शिल्प – सिकंदर
चित्रकला – सुभाष पांडे, लतिका वैष्णव
लोकगीत – हिमानी वासनिक (भरथरी), उदेलाल मारकंडे (पंथी)
अभिनय – लालजी कोर्राम, मालती ध्रुव
वन्यजीव फोटोग्राफी – लाल बहादुर
पर्यटन – रिज़वान खान, लक्ष्मी साहू
महिला सशक्तिकरण – वनिका
वन्यजीव संरक्षण – रमेश कुमार जैन
इस वर्ष सुरूज ट्रस्ट द्वारा एक नई पहल की शुरुआत करते हुए “सुरूज सृजन सम्मान” प्रारंभ किया गया। इस सम्मान का प्रथम अलंकरण श्री रुद्र नारायण पाणिग्रही जी को लोक साहित्य के प्रति उनके आजीवन समर्पण हेतु प्रदान किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इंग्लैंड से आईं सोफ़ी हार्टमैन (पर्यटन संचालक एवं समाज सेविका) उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप श्रीमती कविता वासनिक , श्री मनोज पाठक ने सहभागिता दी तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रुद्र नारायण पाणिग्रही जी ने की।
सुरूज ट्रस्ट का यह प्रयास समाज की उन अनमोल प्रतिभाओं को सम्मानित करने का संकल्प है, जो अपनी साधना, मेहनत और समर्पण से हमारी संस्कृति और समाज को समृद्ध बना रही हैं।

“सम्मान केवल व्यक्ति का नहीं, उस विचार और कर्म का होता है जो समाज को आगे बढ़ाता है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

More like this
Related

तिल्दा की बेटी ‘चारू’ होंगी राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित…पढ़ें!

छत्तीसगढ़ की 23 वर्षीय चारू पांडे ने SSC, बैंकिंग,...

सरकार की सारी अच्छाइयों पर सिर्फ एक बुराई भारी!

सरकार की सारी अच्छाइयों पर सिर्फ एक बुराई भारी! भारतीय...

छत्तीसगढ़ी सिनेमा: फिल्में चल क्यों नही रहीं…पढ़िए क्या कहते हैं पटकथा लेखक गजेंद्ररथ!

साथियों जोहार छत्तीसगढ़ में सिनेमा पिक पर है, धड़ाधड़ फिल्में...

10 जून: बलौदाबाज़ार अग्निकांड: एक निर्दोष जेलयात्री की कलम से…पढ़ें!

10 जून: बलौदाबाज़ार अग्निकांड: एक निर्दोष जेलयात्री की कलम...