खरोरा: मांठ से तिल्दाडीह मोड़ अपराध का रेड स्पॉट!
मंगलवार की शाम खरोरा के नामी ज्वेलर्स के मैनेजर से नगदी सहित लगभग एक करोड़ रुपए की ज्वेलरी लूट का मामला राजधानी के अखबारों और सोशल मीडिया चैनलों ने प्रमुखता से दिखाया और छापा है, बीते कुछ सालों से राजधानी रायपुर के करीब नगर पंचायत खरोरा आपराधिक मामलों में शीर्ष बनता जा रहा है, चोरी, लूट, हत्या जैसे अपराध तो आम हो चले हैं और अब शायद इससे कुछ बड़ा हो जाए!
व्यापारी से लूट का यह स्पॉट लगातार सुर्खियों में रहा है, अब से महिने भर पहले इसी जगह एक हत्याकांड को भी अंजाम दिया गया है और इससे पहले राहगीरों से लूट की कोशिश और मारपीट के दर्जनों मामले इस रेड स्पॉट पर हो चुका है, आसपास के कई ग्रामीण यहां लूट और मारपीट के शिकार हुए हैं, थाने में इतलाह भी हुआ लेकिन इस रेड स्पॉट का आतंक अभी भी बना हुआ है।
यह मोड़ दहशत पैदा करता है, चौराहे से दूर दूर कोई आते जाते नही दिखता और थोड़ा अंधेरा होते ही इस इलाके में शराबियों की शामें रंगीन होने लगती है लेकिन फिर भी अपराधियों को कोई खौफ नहीं वे मोटरसाइकल सवार किसी भी राहगीर को रोक लेते हैं या डंडे से मारकर गिरा देते हैं, इस इलाके में सबसे ज्यादा शिकार आसपास के गांव से हर दिन नगर खरोरा आने जाने वाले विजीटर्स होते हैं जिनमें सबसे ज्यादा कामगार और जनप्रतिनिधि शामिल हैं, बीते बार की बड़ी घटना बिठिया के किसी जनप्रतिनिधि के बेटे की भयंकर पिटाई रही थी, पीड़ित को कई दिन अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, इसी क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शिक्षक को मोटरसाइकल से गिराकर रुपए और मोबाइल लूटे गए बाद में पुलिस को मोबाइल सारागांव के एक मोबाइल शॉप पर मिली, दुकानदार ने बेचने वाले का हुलिया बताया पर अपराधी पकड़ा नही जा सका, इधर घायल शिक्षक को मोटरसाइकल से गिरकर जो चोंट लगे थे उन्हें भी भारी तकलीफ से गुजरना पड़ा।
लूट पीड़ित घायल व्यापारी ने बताया की उसे चलती मोटरसाइकल से मार कर गिराया गया, हल्की बारिश और गरज चमक में उसे लगा कहीं बिजली तो नही गिरी, कुछ लोग पास आते दिखे, उसने सोचा मदद के लिए आ रहे हैं पर नही एक और जोरदार वार हुआ और गहनों से भरा थैला लेकर यही कोई तीन लड़के थे जो वहां से भाग निकले, पीड़ित ने एक का हुलिया बताया की पतला दुबला दाढ़ी वाला युवक था, पीड़ित के सर पर गंभीर तीन वार हुए हैं।

यह मामला सिर्फ लूट का नही बल्कि बेखौफ अपराध को अंजाम देकर पुलिस और कानून व्यवस्था को धता बताने का है, अब से लगातार लूटपाट करने वाले ये एक समूह है जो लोगों को निशाना बना रहे हैं, उनका उद्देश्य लूटपाट करना और उन पैसों से शायद नशे और अय्यासियों का सामान जुटाना हो?
नगर क्षेत्र लगातार सघन होते जा रहा है चारों तरफ लोगों का आना जाना लेकिन एक यही इलाका बहुत खतरनाक और इसी रास्ते से व्यापारी का आना भी अचरज करता है!
बताया जा रहा है की नरदहा में प्रतिष्ठान से ज्वेलरी लेकर वापसी बाइक से थी वह भी अकेले करोड़ों का सामान लेकर, क्या लुटेरों को पहले से पता रहा होगा की इस रास्ते से व्यापारी आने वाला है और जब यह रास्ता जोखिम भरा था तो मुख्य मार्ग छोड़कर सुनसान रास्ते से वापसी का क्या तुक रहा होगा?
इतना तो तय है की लूटपाट करने वालों का तार खरोरा से ही जुड़ा हुआ है जो मजे मस्ती के लिए पार्ट टाइम जॉब जैसा कुछ कर रहे हैं या तो इनका संगठित समूह है जिसे किसी ताकतवर का साथ मिला हुआ है?
नशे की लत से लाचार युवा अक्सर ऐसे रास्ते पकड़ लेते हैं और जिस तरह का हुलिया पीड़ित ने बताई है जरूर यह आसपास का ही कोई युवा अपराधी है, खरोरा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगी हुई है, इस गंभीर मामले का पटाकक्षेप होना चाहिए जिससे लोगों का डर खत्म हो सके और पुलिस को भी ऐसे रेड स्पॉट इलाकों की निगरानी लगातार करनी चाहिए खासकर तब जब अंधेरा हो, क्योंकि इस रास्ते से लोगों की आवाजाही रात के 9-10 बजे तक होती रहती है।
लोगों से भी अपील की ऐसे रेड स्पॉट पर आते जाते सतर्क रहें, कुछ भी संदेहास्पद लगने पर पुलिस की मदद लें।
