एनआईबीएसएम द्वारा बंगोली में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन
रायपुर । भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत, 18 सितंबर 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बंगोली में “स्वच्छता पाठशाला–युवा फॉर स्वच्छता” कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर के निदेशक डॉ. पी.के. राय के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 150 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें स्कूल के प्राचार्य श्री पुरुषोत्तम देवांगन, कार्यक्रम समन्वयक श्री टी.एस. वर्मा, व्याख्याता, श्री विजय कुमार ध्रुव, व्याख्याता, कक्षा 10-12 के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर के वैज्ञानिक शामिल थे।
अपने संबोधन में, संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वच्छता एक स्वस्थ और टिकाऊ समाज की नींव है। उन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें व्यक्तिगत स्वच्छता, घर, शिक्षण संस्थान, कृषि, पशुपालन और आसपास का वातावरण शामिल है। उन्होंने छात्रों को अपने घरों और समुदायों में स्वच्छता का दूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण घरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए गाय के गोबर के प्रभावी उपयोग पर ज़ोर दिया।
प्राचार्य श्री पुरुषोत्तम देवांगन ने इस पहल की सराहना की और छात्रों से स्वच्छता को जीवन भर की आदत बनाने और एक स्वच्छ व स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुशील के. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, ने कार्यक्रम की थीम का परिचय दिया और ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ के पांच स्तंभों के महत्व को समझाया। उन्होंने ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026’ (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम) के मुख्य प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला ।

डॉ. के.सी. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, ने संस्थान की गतिविधियों और अनुसंधान कार्यक्रमों का विवरण दिया, जबकि डॉ. ललित के. खरबीकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक, ने विभिन्न सभ्यताओं में स्वच्छता प्रथाओं के विकास पर जानकारीपूर्ण भाषण दिया और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वच्छता प्रथाओं के साथ जोड़ने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. प्रियंका मीना, वैज्ञानिक, के स्वागत भाषण से हुई । इस इंटरैक्टिव सेशन ने छात्रों को साफ़-सफ़ाई के ज़िम्मेदार तरीक़े अपनाने के लिए प्रेरित किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि साफ़-सफ़ाई एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, जो स्वस्थ पर्यावरण, बेहतर जन-स्वास्थ्य और टिकाऊ विकास के लिए ज़रूरी है।
कार्यक्रम का समापन डॉ. के.सी. शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ और इस पूरे कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सुशील के. शर्मा ने किया।
