नकटी के प्रभावित परिवारों को बरौदा जाने से पहले ही पुलिस ने रोका, कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया…
रायपुर/धरसींवा। ग्राम नकटी के प्रभावित परिवार आज ग्राम पंचायत बरौदा में आयोजित यादव समाज के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधायक अनुज शर्मा के समक्ष अपनी पीड़ा, पुनर्वास और न्याय की मांग रखने के लिए शांतिपूर्वक रवाना होने वाले थे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भावेश बघेल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरसींवा के अध्यक्ष आशीष वर्मा एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी प्रभावित परिवारों के साथ बरौदा जाने के लिए नकटी पहुंचे थे।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इसकी सूचना मिलते ही शासन-प्रशासन ने नकटी गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और प्रभावित परिवारों सहित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर निकलने से रोक दिया। कांग्रेस ने इसे प्रभावित परिवारों को उनके ही गांव में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करने जैसी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
कांग्रेस का कहना है कि नकटी के प्रभावित परिवार केवल मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा रखना चाहते थे और सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा तथा न्याय की मांग करना चाहते थे। लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस के बल पर उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास किया। लोकतंत्र में जनता का अपनी बात रखना और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना उसका संवैधानिक अधिकार है, जिसे इस प्रकार कुचलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
भावेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के सवालों से डर रही है। यदि प्रभावित परिवार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात भी नहीं रख सकते, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। नकटी के पीड़ित परिवार केवल अपने अधिकार, सम्मानजनक पुनर्वास और न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें सुनने के बजाय पुलिस के माध्यम से दबाने का प्रयास कर रही है।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धरसींवा आशीष वर्मा ने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम व्यक्ति को न्याय मिलने तक जारी रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जनता की आवाज़ को पुलिस बल के सहारे दबाने जैसी तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सरकार प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं करती और उन्हें अपनी बात रखने से रोकने का प्रयास जारी रखती है, तो भविष्य में मुख्यमंत्री, मंत्रियों अथवा अन्य जनप्रतिनिधियों के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों को साथ लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचेगी और सरकार से पुनर्वास, मुआवजा तथा न्याय के संबंध में जवाब मांगेगी।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि नकटी के प्रभावित परिवारों को तत्काल सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और न्याय प्रदान किया जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन की ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि नकटी के न्याय की लड़ाई संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।

