क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा का कीर्तिमान रचेगा अरविंद हॉस्पिटल!
खरोरा रायपुर जिले का ऐसा नगर जिसने प्रदेश को अनगिनत ऐसी विभूतियां दी जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, व्यापार सहित तमाम क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
नगर का गौटियाबाड़ा परिवार लगातार क्षेत्र में अपने विकासवादी सोंच और क्रियाकलाप के लिए जाना जाता है, खरोरा का पहला स्कूल भरत देवांगन हाई स्कूल की नींव मालगुजार स्व. रामप्रसाद (डंडीराम) जी देवांगन की शिक्षा को लेकर दूरदर्शिता थी जो आज खरोरा तहसील और रायपुर जिला सहित प्रदेश में उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र है।
नगर में अरविंद हॉस्पिटल क्षेत्र की जनता के लिए उत्तम स्वास्थ्य सेवा के लिए संकल्पित परिवार है।
क्षेत्र में पहला बच्चों का अस्पताल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर महेंद्र देवांगन ने अपनी माता स्व. कांति देवी की याद में स्थापित की, अपनी शासकीय सेवा से समय पूर्व मुक्त होकर अपने क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध होने का साहस दिखाते हुए आज लगातार सेवा दे रहें गौटियाबाड़ा परिवार के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर महेंद्र देवांगन हजारों लाखों परिवार के बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा की मिशाल बने हुए हैं।
नगर पंचायत के प्रथम निर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष दाऊ अरविंद देवांगन गौटियाबाड़ा परिवार के सदस्य हैं जिनकी संकल्पना ने आज के नगर खरोरा को बदला और लगातार अपने और पत्नी श्रीमति निशा अरविंद देवांगन के कार्यकाल में नगर का कायाकल्प किया।

स्वास्थ्य सेवा की कड़ी में अरविंद हॉस्पिटल क्षेत्र की जनता के लिए सुलभ, सस्ता और उत्तम स्वास्थ्य उपचार मुहैया कराने 9 सितंबर 2026 से सक्रिय भूमिका में आ रही है।
अपने विशेषज्ञ टीम के साथ यह 50 बिस्तर अस्पताल सभी सुविधाओं से पूर्ण 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसकी शुरुआत 1 सितंबर से हो चुकी है।
नगर खरोरा आस पास के लगभग डेढ़ सौ गांवों का समुच्चय है जहां से हर ग्रामीण खरोरा से जुड़ा हुआ है ऐसे में यहां हॉस्पिटैलिटी का उच्च मापदंडों के साथ होना जरूरी है, इस क्रम में अरविंद हॉस्पिटल जनता की हर संभव मदद, उपचार और गहन व्याधियों में राहत और पूर्ण निराकरण तक जुड़े रहने का संकल्प है।

अरविंद हॉस्पिटल की संकल्पना!
नगर के समाजसेवी और पूर्व नपं अध्यक्ष अरविंद देवांगन इससे पहले भी लगातार स्वास्थ्य सेवा को लेकर जुझारू रहें हैं, सरकारी अस्पताल को बड़ा रूप देना था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने से लेकर विभिन्न विकासवादी धाराओं की गति जैसे नए बस स्टैंड का निर्माण या फिर नगर में सीसी रोड का जाल, तालाबों का सौद्धिकरण या अन्य निर्माण वे लगातार सक्रिय रहें, एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अब जब वे समाजसेवा की राह पर है तब उनके मन में क्षेत्र की जनता के लिए सस्ता सुलभ और गुणवत्ता युक्त मेडिकल और हॉस्पिटैलिटी की जरूरत महसूस होती रही जो वक्त के साथ तब और बलवती हुई जब सही इलाज के अभाव और समय पर डॉक्टर नहीं मिलने के कारण लोग परेशान होते दिखें!
राजधानी से नगर खरोरा तक दर्जनों ऐसे हॉस्पिटल हैं जो चार कमरों में चलाए जा रहे हैं, इलाज के नाम पर लूट मची है, मरीज को ICU में डालकर परिजनों की पीड़ा से इतर सेवा का यह क्षेत्र व्यवसायीकरण का भार उठाते थक रहा है, तब आमजन के स्वास्थ्य और परिजनों की सहायता को मूल उद्देश्य बना कर यह संकल्प मूर्त रूप में आई है।

अरविंद देवांगन ने इस कल्पना के साकार होने पर अपने पुरखों और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों सहित नगर और क्षेत्र की जनता का आभार जताया है।
उनका मानना है कि जब तक परिवार, साथी और क्षेत्रवासी साथ न हों तब तक बड़ा निर्णय सफल नहीं होता आज जब अरविंद हॉस्पिटल अपने पूर्ण अस्तित्व के साथ सेवा संकल्प लिए अपने शुभारंभ का महोत्सव मना रही है तब उनके लिए यह परिवार, जनता और ईश्वर के अथाह आशीर्वाद का क्षण है।

