देव माइनिंग कंपनी के खिलाफ छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का प्रदर्शन, SECL कार्यालय के सामने गूंजे नारे
वेतन में देरी, भर्ती में कथित पैसों के लेन-देन और स्थानीय भू-विस्थापितों को रोजगार देने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
गेवरा, कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी देव माइनिंग में मजदूरों एवं ड्राइवरों की समस्याओं तथा स्थानीय भू-प्रभावित और भू-विस्थापित परिवारों के पात्र युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर-राजनीतिक संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एसईसीएल कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल ने आरोप लगाया कि देव माइनिंग कंपनी में मजदूरों एवं ड्राइवरों के साथ दुर्व्यवहार, समय पर वेतन भुगतान नहीं होने तथा भर्ती के नाम पर कथित रूप से पैसे के लेन-देन की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले श्रमिकों को अपना वेतन पाने के लिए परेशान होना पड़े, यह गंभीर विषय है। संगठन ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोप प्रमाणित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने यह भी मांग उठाई कि एसईसीएल की खदानों से प्रभावित आसपास के गांवों के पात्र भू-प्रभावित एवं भू-विस्थापित परिवारों के बेरोजगार युवाओं को लागू नियमों और उपलब्ध अवसरों के अनुसार रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। संगठन ने मजदूरों एवं ड्राइवरों को समय पर वेतन देने, कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 3 नवंबर 2026 तक मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तो 3 नवंबर को एसईसीएल गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य मजदूरों को न्याय दिलाना, कथित अनियमितताओं की जांच कराना और स्थानीय पात्र युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।

