भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी की ओर से जारी नई सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। वहीं सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभार दिया गया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से जारी सूची में कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया गया है। पार्टी के मुताबिक, ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई जिम्मेदारियों के तहत कई वरिष्ठ नेताओं को एक से अधिक राज्यों का प्रभार सौंपा गया है।
स्मृति ईरानी को दो राज्यों की जिम्मेदारी
नई सूची में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। वहीं हरीश द्विवेदी को बिहार के साथ कर्नाटक की जिम्मेदारी दी गई है। श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभार सौंपा गया है। छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी के साथ सिद्धार्थ शंभू संगठनात्मक गतिविधियों में सह-प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे। नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश भाजपा संगठन में प्रभारी और सह-प्रभारी की टीम अब तय हो गई है।

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद खाली था पद
छत्तीसगढ़ में प्रदेश प्रभारी का पद इससे पहले नितिन नबीन के पास था। 20 जनवरी 2026 को नितिन नबीन के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी खाली हो गई थी। इसके बाद से नए प्रभारी की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं चल रही थीं।
अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी देकर इस पद पर नियुक्ति कर दी है। वहीं सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी बनाए जाने से प्रदेश संगठन में प्रभारी की नई टीम भी तय हो गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका के बाद मिली अहम जिम्मेदारी
इससे पहले भाजपा की नई संगठनात्मक टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। केंद्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकीं स्मृति ईरानी को अब दो राज्यों की संगठनात्मक जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है और पार्टी संगठन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की भूमिका सरकार और संगठन के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर रहेगा फोकस
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होने के कारण नए प्रदेश प्रभारी के सामने सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद, संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक एवं सांगठनिक गतिविधियों के लिए रणनीति तैयार करना भी प्रभारी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
नई नियुक्ति के बाद प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की नई जिम्मेदारियों के साथ अब पार्टी की प्रदेश इकाई आगे की सांगठनिक तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाती है, इस पर नजर रहेगी।

वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में सभी क्षेत्रीय दलों को एक करने प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेतृत्व में जल्द महागठबंधन का ऐलान करने जा रही है, जिसमें प्रदेश के सभी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी एकजुट होकर प्रादेशिकता के मूल भाव से मैदान में आने और छत्तीसगढ़ की जल जंगल जमीन बचाने का संकल्प लेने आने वाली 4 तारीख को राजधानी में जुटेंगे।
