छत्तीसगढ़ के किसान प्रवीण देहरी को मिला ICAR का ‘इनोवेटिव फार्मर अवार्ड 2025-26’
रायपुर/हैदराबाद, 1 सितंबर 2026: उत्तर बस्तर कांकेर जिले के राजापारा निवासी प्रगतिशील किसान श्री प्रवीण देहरी को कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रतिष्ठित ‘इनोवेटिव फार्मर अवार्ड 2025-26’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ICAR-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (ICAR-NAARM), हैदराबाद के स्वर्ण जयंती समारोह एवं 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन सभागार में प्रदान किया गया। श्री देहरी को पुरस्कार के लिए ICAR-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर के निदेशक द्वारा नामांकित किया गया था।

श्री देहरी ने कड़कनाथ सहित अन्य मुर्गी नस्लों के लिए कम लागत एवं ऊर्जा-कुशल अंडा इनक्यूबेटर-सह-हैचिंग मशीन विकसित कर उसका सफल व्यावसायीकरण किया है। स्थानीय स्तर पर निर्मित इस मशीन में एक बैच में 800 अंडों की क्षमता तथा लगभग 85 प्रतिशत औसत हैचिंग क्षमता है। स्वचालित अंडा घुमाने, तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण जैसी सुविधाओं से युक्त यह मशीन ग्रामीण परिस्थितियों के लिए उपयोगी, पोर्टेबल और सरल है।
इस नवाचार को किसानों के बीच व्यापक स्वीकार्यता मिली है। अब तक 54 से अधिक मशीनें बिक चुकी हैं और कांकेर तथा आसपास के जिलों में लगभग 230–450 किसानों ने इस तकनीक को अपनाया है। इससे चूजा उत्पादन और हैचिंग में सुधार के साथ व्यावसायिक हैचरी पर निर्भरता भी कम हुई है। मशीन के व्यावसायीकरण के बाद श्री देहरी की वार्षिक आय लगभग 3–7 लाख रुपये से बढ़कर 18–24 लाख रुपये हो गई। करीब 60,000 रुपये की लागत वाली यह मशीन छोटे एवं मध्यम पोल्ट्री किसानों, SHGs और FPOs के लिए उपयुक्त है।
यह नवाचार ICAR-NASF परियोजना के अंतर्गत डॉ. प्रमोद कुमार राय, निदेशक, ICAR-NIBSM के मार्गदर्शन में तथा डॉ. पी. मूवेनथन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान अन्वेषक, के नेतृत्व में समर्थित एवं प्रलेखित किया गया।
इस अवसर पर ‘Farmers VAULT’ पोर्टल का भी लोकार्पण किया गया। श्री देहरी इससे पहले कृषि रत्न पुरस्कार एवं इनोवेटिव कृषि वैज्ञानिक अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं।

यह सम्मान पद्म भूषण डॉ. आर. एस. परोदा, अध्यक्ष, ट्रस्ट फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (TAAS) एवं पूर्व सचिव, DARE तथा महानिदेशक, ICAR, भारत सरकार; समारोह के अध्यक्ष डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव, DARE एवं महानिदेशक, ICAR; विशिष्ट अतिथि डॉ. यशपाल सिंह मलिक, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), ICAR; विशेष अतिथि डॉ. सीमा जग्गी, सहायक महानिदेशक (मानव संसाधन विकास), कृषि शिक्षा प्रभाग, ICAR तथा डॉ. रमन मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक, ICAR-NAARM, हैदराबाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

