खरोरा में विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए 110 मॉडल, वैज्ञानिक नवाचारों का किया प्रदर्शन
पीएम श्री विद्यालय में विज्ञान, तकनीक और सतत विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी; अतिथियों ने मॉडलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
खरोरा, 10 अक्टूबर :- पीएम श्री भरत देवांगन शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी-अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय, खरोरा में शनिवार को विज्ञान मेले का आयोजन गरिमामयी वातावरण में किया गया। विज्ञान, नवाचार एवं सतत विकास की अवधारणा पर आधारित इस मेले में विद्यार्थियों ने लगभग 110 मॉडल एवं प्रदर्शनी प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर आधारित इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और व्यावहारिक ज्ञान का प्रदर्शन किया।

विज्ञान मेले में अपशिष्ट प्रबंधन, परिवहन एवं संचार, हरित ऊर्जा, दुर्घटना रोकथाम, सतत कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, उभरती प्रौद्योगिकी, गणितीय मॉडलिंग तथा जल संरक्षण एवं प्रबंधन जैसे विषयों को शामिल किया गया। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक सिद्धांतों और उपयोगिता की जानकारी दी। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, जल के सदुपयोग, सुरक्षित परिवहन और आधुनिक तकनीक से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।

अतिथियों ने मॉडलों का अवलोकन किया
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर, नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुमित सेन सेवानिवृत्त व्याख्याता हरीश देवांगन, महेंद्र साहू तथा समिति के सदस्य संजीव देवांगन, गुरजीत कौर भाटिया उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से मॉडलों की विशेषताओं, कार्यप्रणाली एवं व्यावहारिक उपयोगिता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक आधार को समझाते हुए उनके उपयोग और संभावनाओं से अवगत कराया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है विज्ञान मेला : नरेंद्र सिंह ठाकुर
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान मेले विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान को प्रयोगों और मॉडलों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनकर नई चीजें सीखनी चाहिए और विज्ञान का उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रयोगात्मक शिक्षा से निखरती है विद्यार्थियों की प्रतिभा : रजनी मिंज
विद्यालय की प्राचार्य रजनी मिंज ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से दक्ष और समस्या समाधान के योग्य बनाना भी है। विज्ञान मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता, वैज्ञानिक समझ और प्रस्तुतीकरण कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने आयोजन में योगदान देने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों, अतिथियों और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विद्यार्थियों के नवाचार भविष्य की संभावनाओं का संकेत :हरीश देवांगन
सेवानिवृत्त व्याख्याता हरीश देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान मेले में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल उनकी रचनात्मकता, मेहनत और वैज्ञानिक सोच को दर्शाते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को नई तकनीकों से परिचित कराने के साथ उन्हें दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, प्रयोग और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा विद्यालय द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना की।
वैज्ञानिक सिद्धांतों और प्रस्तुतीकरण के आधार पर हुआ मूल्यांकन
विज्ञान प्रदर्शनी के मॉडलों का मूल्यांकन शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर, नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुमित सेन, सेवानिवृत व्याख्याता हरीश देवांगन, महेंद्र साहू, संजीव देवांगन, गुरजीत कौर भाटिया ने किया। निर्णायकों ने प्रत्येक मॉडल की तैयारी, विषय की स्पष्टता, वैज्ञानिक सिद्धांतों की समझ, प्रदर्शन की प्रभावशीलता, प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक उपयोगिता का अवलोकन कर निर्धारित मानकों के आधार पर अंक प्रदान किए। विद्यार्थियों के मॉडलों के पीछे की अवधारणाओं और उनके संभावित उपयोगों को भी मूल्यांकन में महत्व दिया गया।

शिक्षकों के समन्वय से हुआ आयोजन
विज्ञान मेले के सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन में रजनी त्रिपाठी, रीतारानी वर्मा, श्वेता शर्मा, प्रिया संघवी और तान्या भट्टाचार्य, का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर मॉडल तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। लगभग 110 मॉडलों की सहभागिता ने विज्ञान मेले को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने, अपने विचार प्रस्तुत करने और नवाचार आधारित गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। आयोजन ने विद्यालय में प्रयोगात्मक शिक्षा, वैज्ञानिक चेतना और सतत विकास के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित किया।
