खरोरा में मिला दुर्लभ पांडुलिपि, पंडित संतोष राव का सम्मान, ज्ञान भारतम पोर्टल में हुआ दर्ज…पढ़ें!

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लोमश देवांगन, खरोरा की खबर

खरोरा: भारत सरकार की ज्ञान भारतम योजना के तहत देश की प्राचीन पांडुलिपियों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में खरोरा नगर पंचायत के 76 वर्षीय पंडित संतोष राव के पास संरक्षित दो दुर्लभ पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम पोर्टल में दर्ज किया गया।

पंडित संतोष राव के पास माता परमेश्वरी से संबंधित श्री देवांगन पुराण की दो पांडुलिपियां हैं:
1. 350 वर्ष पुरानी पांडुलिपि: भोजपत्र पर लिखित, 101 पृष्ठ
2. 100 वर्ष पुरानी पांडुलिपि: 151 पृष्ठ

ये दोनों पांडुलिपियां पीढ़ियों से उनके परिवार द्वारा सुरक्षित रखी गई हैं। भोजपत्र पर लिखी 350 वर्ष पुरानी पांडुलिपि विशेष रूप से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर सोमवार को प्रशासनिक अमला पंडित संतोष राव के निवास पहुंचा। एसडीएम आशुतोष कुमार देवांगन, तहसीलदार खरोरा चंद्रशेखर मंडई, अतिरिक्त तहसीलदार सूर्यकांत कुंभकार और सीएमओ खरोरा ओमप्रकाश सिंह ने पंडित संतोष राव को शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया।
अधिकारियों ने दोनों पांडुलिपियों का अवलोकन किया और ज्ञान भारतम ऐप में उनकी पूरी जानकारी, फोटो और विवरण अपलोड किया। ज्ञान भारतम योजना का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करना है।
एसडीएम आशुतोष देवांगन ने कहा कि यह खरोरा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है कि भारत की अमूल्य विरासत को यहां के नागरिक ने इतने वर्षों तक संजो कर रखा। यह पांडुलिपियां हमारी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक परंपरा का जीवंत दस्तावेज हैं।
पंडित संतोष राव ने बताया कि उनके पूर्वजों ने इन ग्रंथों को संभालकर रखा था। अब शासन की इस पहल से इन पांडुलिपियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और शोधकर्ताओं को भी लाभ होगा। प्रशासन ने उनसे आग्रह किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण में शासन हर संभव मदद करेगा।

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