नगर पंचायत खरोरा में अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशियों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में अभी भी स्पष्ट राय नहीं बन पाई है वहीं आज से नामांकन का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस ने 21 को बैठक आयोजित की थी जिसमें अध्यक्ष उम्मीदवार के लिए एक राय तो बनी! लेकिन पार्षदों के लिए अभी भी मंथन जारी है।
कांग्रेस से रविंदर बबलू भाटिया की पत्नी मोना भाटिया ने अकेले ही दावेदारी पेश की ऐसे में यह माना जा रहा है की वही कांग्रेस की प्रत्याशी होंगी!
वहीं दूसरी ओर बीजेपी में 7 दावेदार हैं और ऐन मौके पर प्रभारी भी बदल दिए गए ऐसे में बीजेपी के अध्यक्ष उम्मीदवार को लेकर शंका बनी हुई है, इससे पहले अरविंद देवांगन की पत्नी निशा देवांगन की दावेदारी को प्रबलता से देखा जा रहा था।
ऐसी चर्चा है क्योंकि अरविंद देवांगन अभी अभी कांग्रेस से बीजेपी प्रवेश किए हैं ऐसे में बीजेपी कार्यकर्ताओं में उनकी दावेदारी को लेकर पसोपेश है साथ ही मंडल संगठन सहित जिला संगठन में भी अरविंद देवांगन की दावेदारी पर एकमत होने में संशय बने होने की चर्चा है! ऐसे में बीजेपी का चेहरा कौन होगा इस बात पर चर्चा जारी है!
क्योंकि अब ज्यादा समय नहीं बचा है ऐसे में 23 को उम्मीदारी सूची आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पार्षदों के लिए पार्टी ने नगर में सर्वे करा लिया है और सर्वे के आधार पर ही प्रत्याशी घोषित करने की रणनीति बीजेपी ने बनाई है, कुछ वार्डों के सर्वे चौकाने वाले हैं जिसके बाद से उन वार्डों के सिटिंग पार्षदों में हड़कंप मचा हुआ है।
इधर पूर्व नपं अध्यक्ष अशोक अमलानी भी निर्दलीय लड़ने नगर भ्रमण कर रहे हैं, उनका कार्यकाल आमजन के मन में अलग छवि बनाए हुए है ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों का उनके साथ सीधा टक्कर होने की चर्चा नगर में आम है।
बीजेपी में 7 दावेदारों की लंबी कतार है ऐसे में जाहिर सी बात है पार्टी जिताऊ प्रत्याशी की खोज में है ऐसे में पार्टी के लिए प्रत्याशी चयन टेडी खीर बन पड़ी है अब देखना होगा बीजेपी की सूची कितनी चौकाने वाली होगी।
इधर नगर में अरविंद देवांगन के समर्थकों का कहना है की पार्टी टिकट नहीं देती है ऐसी स्थिति में शायद वे निर्दलीय लड़ने का मन बना बैठे हैं अगर ऐसा हुआ तो इस बार नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव मजेदार होने वाला है!
नगर और वार्डों में चुनावी मुद्दे की बात करें तो अवैध शराब और खुलेआम शराबखोरी करने वालों पर अंकुश लगाना महिलाओं के सम्मान और हुल्लड़ बाजों पर कार्रवाई इस बार बड़े मुद्दे होने वाले हैं!