नए वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बीएड शिक्षकों का आंदोलन, लगभग 3000 से ज्यादा शिक्षक शिक्षिकाएं राजधानी नवा रायपुर के माना तूता में धरना स्थल पर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर और शासन के निर्णय के खिलाफ आंदोलित है।
उनके आंदोलन को समर्थन के लिए लगातार छत्तीसगढ़ की राजनीतिक संगठने धरना स्थल पर पहुंच रही है और पीड़ितों के साथ बैठकर सरकार को कोस रही है।
इस क्रम में प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संरक्षक ठाकुर राम गुलाम और प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र साहू भी आंदोलन कर रहे शिक्षकों के समर्थन में आम छत्तीसगढ़िया कर्मचारियों की पीड़ा जानने और उन्हें समर्थन करने पहुंचे, इस मौके पर ठाकुर राम गुलाम सिंह ने पीड़ित शिक्षकों के पक्ष में जन समूह को संबोधित किया और सरकार की नीतियों को गलत बताया, वहां आंदोलनकारी के स्थिति देखकर दादा ठाकुर व्यथित भी हुए और सहयोग में उन्हें ₹10000 का चेक भी दिया।
CKS प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र साहू ने भी आंदोलनरत कर्मचारियों को उनकी बात मनवाने तक उनके साथ देने का वादा किया और कहा कि आज जिन परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के भाई-बहन अपने अधिकारों के लिए जूझ रहे हैं इसका एक-एक हिसाब सत्ता से लिया जाएगा।
बताते चलें, एक दिन पहले ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल भी धरना स्थल पहुंचकर पीड़ित आंदोलनकारियों का समर्थन कर चुके हैं, अब देखना होगा की सरकार b.ed शिक्षकों की बात मानती हैं या मनमानी करते हैं!
इन सब में छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए यह बात अच्छी रही कि अब उन्हें समर्थन के लिए उनके अपने छत्तीसगढ़िया समाज आगे आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी लगातार छत्तीसगढ़ियों के हित में काम कर रही है और आम छत्तीसगढ़ियों के हक अधिकार की लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में देखने वाली बात यह भी है की क्या इनके सहयोगात्मक रवैए का उनकी राजनीतिक संगठन को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लाभ मिलता है या फिर यह आंदोलनकारी परिवार फिर से भाजपा और कांग्रेस के जाल में फंसते हैं?