आज 1 जनवरी… यूं तो 1 जनवरी नए साल का पहला दिन होता है लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए 1 जनवरी उनके चार पुरोधाओं का जन्म दिवस भी है।
छत्तीसगढ़ के महान संत कवि पवन दीवान, महान राजनीतिज्ञ चंदूलाल चंद्राकर, ताराचंद साहू और पंथी के पुरोधा देवदास बंजारे जी।
छत्तीसगढ़ के चारों सपूत अपने-अपने क्षेत्र में महानता को प्राप्त हैं, लगातार छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ियों के लिए संघर्षरत रहे हैं।
आज हमें इनके जीवन को जानना चाहिए।
महान संत पवन दीवान एक भागवत आचार्य के रूप में प्रसिद्ध हुए, मातृभाषा छत्तीसगढ़ी में लगातार छत्तीसगढ़ियों को जागते रहे छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के कमजोर होने का दुख उन्हें जीवन भर सालता रहा, उनकी कहीं बात हमें आज याद करनी चाहिए…
छत्तीसगढ़ में सब कुछ है, बस एक कमी स्वाभिमान की।
मुझसे सही नहीं जाती, यह चुप्पी वर्तमान की।।
इन शब्दों में छत्तीसगढ़िया जनमानस के लिए उनकी पीड़ा साफ झलकती है, वह लगातार छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को उच्च करने प्रयासरत रहे।
वहीं डॉ चंदूलाल चंद्राकर एक राजनीतिक महापुरुष जिन्होंने छत्तीसगढ़ की राजनीति और पत्रकारिता को एक अलग मुकाम दिया, राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले चंदूलाल चंद्राकर छत्तीसगढ़िया माटी के सपूत जिन्होंने जीवन पर्यंत छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ियों के लिए काम किया।
ताराचंद साहू जी जिन्होंने छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच नाम की पार्टी बनाई और लगातार एक तीसरे मोर्चे के रूप में छत्तीसगढ़ की राजनीति को आगे बढ़ाया और आज छत्तीसगढ़ियावाद की अलख प्रदेश में चारों ओर बिखरी हुई है।
प्रसिद्ध पंथी नर्तक देवदास बंजारे जी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के महान संत गुरु बाबा घासीदास के सात वचनों को पंथी के माध्यम से देश-विदेश में प्रचारित और प्रसारित किया।
ऐसे महान छत्तीसगढ़िया सपूतों को आज प्रदेशवाद नमन करता है।
छत्तीसगढ़ का इतिहास हमारे आने वाली पीढियों के लिए एक बड़ी शिक्षा है, आइए हम अपने बच्चों को प्रदेश के पुरखों के बारे में बताने का साल के प्रथम दिन संकल्प लें जोहार।
गजेंद्ररथ गर्व, संपादक प्रदेशवाद
प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ 9827909433