आईसीएआर-एनआईबीएसएम में जैविक स्ट्रेस मैनेजमेंट सोसायटी की वार्षिक बैठक आयोजित
रायपुर, 10 अगस्त 2026। फसलों के स्वास्थ्य एवं जैविक स्ट्रेस प्रबंधन से जुड़ी वैज्ञानिक गतिविधियों, शोध, संवाद एवं सहयोगात्मक प्रयासों को और मजबूत करने के उद्देश्य से जैविक स्ट्रेस मैनेजमेंट सोसायटी (BSMS) की वार्षिक बैठक सोमवार को आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में फसल स्वास्थ्य के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों तथा उनके प्रभावी प्रबंधन को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में निदेशक एवं बीएसएमएस के अध्यक्ष डॉ. पी. के. राय की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक का संयोजन बीएसएमएस की कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष डॉ. कल्याण के. मंडल ने किया। सोसायटी के विभिन्न सदस्यों एवं वैज्ञानिकों ने बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं बीएसएमएस के अध्यक्ष डॉ. पी. के. राय ने डॉ. के. के. मंडल द्वारा लिखित पुस्तक Bacterial Blight of Rice का विमोचन किया। साथ ही बीएसएमएस की प्रस्तावित शोध पत्रिका Biotic Stresses of Crop Plant के कवर पेज का भी अनावरण किया गया। यह पत्रिका फसलों में जैविक स्ट्रेस से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान, नवीन तकनीकों एवं उभरते घटनाक्रमों के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित की जाएगी। इससे शोधकर्ताओं एवं संबंधित हितधारकों के बीच वैज्ञानिक संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में बीएसएमएस की गतिविधियों के विस्तार एवं सोसायटी को वैज्ञानिक आदान-प्रदान और पेशेवर संवाद के अधिक प्रभावी मंच के रूप में विकसित करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान द्विमासिक बीएसएमएस न्यूज़लेटर शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रस्तावित न्यूज़लेटर के माध्यम से शोध एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों, प्रकाशनों, कार्यक्रमों तथा फसल स्वास्थ्य एवं जैविक तनाव प्रबंधन से जुड़े उभरते मुद्दों की नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में “बीएसएमएस वर्चुअल डायलॉग/वेबिनार” श्रृंखला शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस मंच के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रसार विशेषज्ञों एवं अन्य संबंधित हितधारकों को एक साथ लाकर फसल स्वास्थ्य से जुड़े उभरते एवं चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। इसके माध्यम से क्षेत्रीय अनुभवों को साझा करने, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी की कमियों की पहचान करने तथा व्यावहारिक समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।
बैठक के अंत में वैज्ञानिक प्रकाशनों, नियमित संचार, वेबिनार, विशेषज्ञ संवाद एवं सहयोगात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बीएसएमएस की गतिविधियों को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया। सोसायटी ने टिकाऊ फसल संरक्षण, बेहतर पौध स्वास्थ्य तथा भारतीय कृषि में उभरते जैविक तनावों के प्रभावी प्रबंधन में अपना योगदान बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल दीक्षित एवं डॉ. पंकज शर्मा सहित संस्थान के वैज्ञानिकों तथा बीएसएमएस के सदस्यों ने भाग लिया।

