रायपुर के माना इलाके के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज (सोमवार) सुबह 80 घर तोड़ दिए गए, जिसमें पीएम और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए थे।
सुबह जैसे ही टीम जेसीबी लेकर पहुंची, तो लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। इस पूरी कार्रवाई के बीच एक बच्ची ने रोते हुए बताया कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है, क्योंकि कार्रवाई के डर से घर पर खाना ही नहीं बन पाया था।
बढ़ते बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है।
कार्रवाई के बाद ग्रामीण पास में ही धरने पर बैठ गए हैं। लोगों की नाराजगी है कि 23, 25 लोगों का उनका परिवार यहां 4 मकान में रहता था लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें एक ही घर दिए जाने की बात कह रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जिन जमीनों पर मकान बने हैं, वे सरकारी भूमि हैं और उन पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी वजह से लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई सालों से यहां रह रहे हैं। यह जमीन नकटी गांव का ही हिस्सा है। यहां कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी मिले हैं। ऐसे में अब इस जमीन को कब्जा बताकर बेदखल करना गलत है।
ग्रामीणों के अनुसार वार्ड 16 और 17 में करीब 48 घर हैं। पहले यह जमीन गांव की निस्तारी भूमि थी, लेकिन समय के साथ यहां लोग बस गए। बाद में यह इलाका गांव की आबादी में शामिल हो गया।
अब प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए इस जमीन को भी योजना में शामिल किया गया है। इसी कारण प्रशासन यहां से लोगों को हटाने की तैयारी कर रहा है।
