शहरीकरण से बढ़ती गर्मी: खरोरा कस्बे में अर्बन हीट आइलैंड का खतरा
भारत में तेज़ जनसंख्या वृद्धि और शहरीकरण के कारण खुले और हरित क्षेत्र कंक्रीट सतहों में बदलते जा रहे हैं, जिससे शहरों में अर्बन हीट आइलैंड (UHI) की समस्या गंभीर हो रही है। छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले के खरोरा कस्बे में 2014 से 2024 के बीच किए गए अध्ययन में इसके स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
अध्ययन के अनुसार, वनस्पति आवरण में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है। औसत NDVI मान 0.38 से घटकर 0.28 हो गया, जो शहरी विस्तार और वनों की कटाई को दर्शाता है। इसी अवधि में अधिकतम भूमि सतह तापमान 44.52°C से बढ़कर 46.31°C हो गया, जबकि ठंडे क्षेत्रों में कमी आई है, जिससे UHI प्रभाव और तेज़ हुआ है।
निर्मित क्षेत्र 5.2 वर्ग किमी से बढ़कर 12.6 वर्ग किमी हो गया (142% वृद्धि)। इसके विपरीत, कृषि भूमि में 20.9% और वन क्षेत्र में 7.2% की कमी आई, जबकि बंजर भूमि 55.6% बढ़ी है।
ये निष्कर्ष दर्शाते हैं कि खरोरा में पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर दबाव है। समस्या से निपटने के लिए वृक्षारोपण, हरित अवसंरचना और सतत भूमि उपयोग योजना अत्यंत आवश्यक है।
स्कॉलर डॉक्टर शशिकांत वर्मा (खरोरा) की रिसर्च पर आधारित आंकड़े और आलेख
