छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवा खिलाड़ी अनिमेष कुजूर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। ग्रीस के एथेंस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ को महज 10.18 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर अनिमेष को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की यह उपलब्धि युवाओं के आत्मविश्वास और उनके सपनों की उड़ान का प्रतीक है। सरकार हमेशा युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जशपुर जिले के छोटे से आदिवासी गांव घुइतांगर से आने वाले अनिमेष के माता-पिता दोनों ही छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी हैं। उन्होंने बेटे की इस उपलब्धि पर कहा कि यह तो बस शुरुआत है, आगे अनिमेष देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।
अनिमेष ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर से बारहवीं तक की पढ़ाई की थी। उनका सपना सेना में भर्ती होना था। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान दोस्तों के कहने पर उन्होंने एक ओपन टूर्नामेंट में 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और यहीं से उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। फुटबॉल खेलते-खेलते रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इससे पहले दक्षिण कोरिया में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ को 20.32 सेकंड में पूरा कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। पिछले साल स्पेन में उन्होंने 100 मीटर दौड़ को 10.27 सेकंड में पूरा कर अपना बेस्ट टाइम बनाया था। इस साल जेनेवा मीट में भी उन्होंने 200 मीटर रेस में 20.27 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह रिकॉर्ड आधिकारिक नहीं माना गया।
अनिमेष ने कहा कि वह आने वाले दिनों में ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड मेडल जीतना चाहते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि मेहनत और सही दिशा में तैयारी से कुछ भी नामुमकिन नहीं है।