बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि इसका इतिहास आजादी के बाद से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वीरों और बलिदान की भूमि माना जाता है, जहां रानी लक्ष्मीबाई और छत्रसाल जैसे योद्धाओं की विरासत रही है। इसी को लेकर सागर में जन आक्रोश रथ यात्रा अंचल में जारी है।
बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में निकाली जा रही जन आक्रोश रथ यात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र में तेजी से जनसमर्थन जुटा रही है। 16 फरवरी को चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा 13 मार्च तक मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से होते हुए ओरछा धाम में समाप्त होगी।
इन जिलों को जोड़कर नया प्रदेश बनाने का प्रस्ताव
वर्तमान में बुंदेलखंड क्षेत्र मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फैला है। प्रस्तावित नए राज्य में उत्तर प्रदेश (झांसी, बांदा, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, महोबा, चित्रकूट) और मध्य प्रदेश (दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना) के 13-14 जिलों शामिल किए जाने की मांग उठती रही है। समर्थकों का तर्क है कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र के सूखा, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा।
