पीएम श्री भरत देवांगन विद्यालय में उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ आनंद दिवाली मेला, विद्यार्थियों ने लगाए 100 से अधिक व्यंजनों के स्टॉल

खरोरा, 05 नवंबर 2026 :– पीएम श्री भरत देवांगन शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी-अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय, खरोरा में आनंद दिवाली मेले का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। मेले में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, व्यावहारिक कौशल एवं उद्यमशीलता का परिचय देते हुए 100 से अधिक विभिन्न प्रकार के व्यंजनों, खेल गतिविधियों एवं मनोरंजन से संबंधित स्टॉल लगाए।
मेले में विद्यार्थियों द्वारा भेल, गुपचुप, चाट, चाउमिन, मोमोज, ब्रेड पकौड़ा, मिर्ची भजिया, बड़ा, समोसा, आलू गुंडा, पावभाजी, इडली, डोसा, पकौड़ी, जलेबी, गुलाब जामुन, केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम सहित अनेक स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा विभिन्न खेल गतिविधियों, मनोरंजक खेलों एवं आकर्षक खेल सामग्री के स्टॉल भी मेले के प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों ने मेले का भरपूर आनंद लिया।

शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष दुष्यंत साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि आनंद मेला विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने का एक सराहनीय माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आर्थिक प्रबंधन एवं उद्यमशीलता का विकास होता है।
विद्यालय की प्राचार्य रजनी मिंज ने कहा कि आनंद मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवनोपयोगी व्यावहारिक ज्ञान देना है। इस तरह के आयोजन से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी सहयोग से कार्य करने तथा छोटे स्तर पर व्यवसाय संचालन की समझ विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवानिवृत्त उपप्राचार्य हरीश देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के रचनात्मक एवं आनंददायक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में आत्मनिर्भरता, व्यवहार कुशलता, अनुशासन एवं सामाजिक सहभागिता जैसे गुणों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आयोजन की सराहना की।
मेले के दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं स्टॉलों की व्यवस्था, व्यंजनों की तैयारी, बिक्री, ग्राहकों से संवाद तथा आय-व्यय का प्रबंधन किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को वास्तविक जीवन में आर्थिक लेन-देन, लाभ-हानि, गणना, विपणन एवं व्यवसाय संचालन की जानकारी मिली। साथ ही उनमें आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, टीम भावना एवं स्वरोजगार के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दुष्यंत साहू, उपाध्यक्ष विजय साहू, सीमा कुम्भकार, एवं समस्त सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। सभी ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा विद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्राचार्य रजनी मिंज, व्याख्याता शाहिना परवीन, संगीता नायक, रीतारानी वर्मा, रजनी त्रिपाठी, जयंती साहू, प्रिया संघवी, तान्या भट्टाचार्य, मोंगरा साहू, नीतू यादव, योगेंद्र त्रिपाठी, बिजेश्वरी महिलांगे, जगदेव सिंह ठाकुर, शिवांगी निषाद, काशी रात्रे, यामिनी चंद्राकर, कुलेश्वर पाटिल, कन्हैया चतुर्वेदी, निशिता दीक्षित, शैलजा शर्मा, अपूर्वा ओगरे, पारुल पांडेय, अंकृति भिड़े, पावस पटेल, नदीस साहू, अनिल साहू, योगिता देवांगन, शेख शेखर, आंचल कसार, जास्मी जोश, कृतिका वर्मा, पावेत्री साहू, अजय कुर्रे, प्रीति मिश्रा, लुकेश्वर उइके, विक्रम कुमार, आकाश कुमार, सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आनंद मेले ने विद्यार्थियों को सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का एक अनूठा मंच प्रदान किया।

