रायपुर: प्रदेश में लगातार अफीम की खेती के मामले उजागर हो रहे हैं जिसमें सत्ताधारी दल के सदस्यों की संलिप्तता भी देखी जा रही है।
इस मामले पर प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्ररथ गर्व ने कहा है कि यह हम छत्तीसगढ़ियों द्वारा परप्रांतियों को राज्य की सत्ता देने की सजा है!
कहने भर के लिए आदिवासी मुख्यमंत्री सत्ता पर बिठा दिया गया है लेकिन पूरा शासन प्रशासन दिल्ली से ऑपरेट हो रहे हैं प्रदेश के बड़े-बड़े ठेके बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम बाहर के लोग कर रहे हैं और आम छत्तीसगढ़ अपने टूटे स्वाभिमान की सजा भुगत रहा है?
गजेंद्ररथ ने कहा कि इस प्रदेश में यह पहला मामला नहीं है बल्कि लगातार ऐसे मामले उजागर होते रहे हैं चाहे शराब का कारोबार हो, रेत माफिया हो मुरम माफिया हो या हॉस्पिटल माफिया सभी जगह परप्रांतीय लुटेरों का कब्जा है और आम छत्तीसगढ़िया ठगा जा रहा है! इसके लिए जिम्मेदार भी हम खुद ही हैं हम अपने लोगों को नेतृत्व देते हैं और वे सत्ता पाकर अपना कर्तव्य भूल जाते हैं?

चाहे कोरबा में कोयले की कालाबाजारी का मामला हो सीमेंट के बढ़ते दामों का या फिर सरिया के आसमान छूते रेट सभी जगह स्थानीय लोग लूट जा रहे हैं, यह प्रदेश रत्नगर्भा है लेकिन इस प्रदेश के संतान अपनी जरूरत के लिए अभी भी दूसरों पर आश्रित है!
भोले भाले छत्तीसगढ़िया बहुत जल्दी लोगों की बातों से प्रभावित हो जाते हैं उन्हें अपना सब कुछ मानने लगते हैं और आखिर में ठगे जाते हैं और आगे अगर यही हाल रहा तो आम छत्तीसगढ़िया शराब के ठेके पर राशन की लाइनों पर ही दिखेंगे!
गजेंद्ररथ ने आवाहन किया, स्थानीय लोगों को अपनी ताकत का अंदाजा लगाने, अपनी मिट्टी के लिए अपने प्रदेश के मिनरल्स, अपने बच्चों का भविष्य शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए मुखर होने की अपील की।
गजेंद्ररथ ने दक्षिण भारत के राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा की सभी प्रदेश आत्मनिर्भर है क्योंकि वहां की अपनी भाषा संस्कृति और परंपराएं जीवंत है जबकि छत्तीसगढ़ में लगातार यहां की भाषा और संस्कृति हासिये पर है और जिस प्रदेश की भाषा संस्कृति भुला दी जाती है वहां के लोग भी बहुत जल्दी भुला दिए जाते हैं और यही इस प्रदेश में हो रहा है।
प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना दशकों से स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए काम कर रहा है और वह दिन दूर नहीं जब इस प्रदेश का आम नागरिक अपनी स्थानीयता अपनी भाषा संस्कृति की ताकत को जानेगा और अपने पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए उठ खड़ा होगा।
उन्होंने बताया की प्रदेश के बुद्धिजीवी अपने लोगों अपनी स्थानीयता और प्रदेश की अस्मिता के लिए संगठित होकर काम कर रहे हैं जिसका परिणाम दिख रहा है!
आज मुंह छुपाने वाला दब्बू छत्तीसगढ़िया आंख में आंख मिलाकर बात करना जानने लगा है CKS लगातार अपने लोगों को दबंग और हाजिर जवाब बनाने प्रदेश भर में काम कर रहा है जिसके डर ने औपनिवेशिक दलालों की नींद हराम कर रखी है और वे संगठन पर कई तरह के झूठे आरोप लगा अपनी झल्लाहट निकालते दिखते हैं।
गजेंद्ररथ ने प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया कि आप अकेले नहीं हैं आपके साथ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना हर पल हर कदम पर है, आप एक आवाज दीजिए पूरी सेना आपके पीछे नजर आएगी।
