कोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार द्वारा आज 10 दिसंबर को इन बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को नौकरी से बाहर निकाला जा सकता है। इसको लेकर आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के प्राइमरी स्कूल्स में पदस्थ 2900 से ज्यादा बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को अब नौकरी से निकाला जा रहा है। ये अब कुछ समय के ही मेहमान बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने इसको लेकर फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में पदस्थ 2900 से ज्यादा बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की सूची तैयार कर ली है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार द्वारा आज 10 दिसंबर को इन बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को नौकरी से बाहर निकाला जा सकता है। इसको लेकर आदेश भी जारी किए जा सकते हैं। प्राइमरी स्कूलों में ऐसे शिक्षक जो उच्च योग्यता रखते हैं। यही योग्यता अब इनकी बेरोजगारी का कारण बनने जा रही है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने प्राइमरी स्कूल, मिडिल, हाई और हायर सेकंडरी स्कूल के लिए शिक्षकों की भर्ती को लेकर मापदंड तय किए गए थे। इन नियमों के अनुसार प्राइमरी स्कूल में डीएलएड डिप्लोमाधारी और इससे उपर के स्कूल्स में बीएड डिग्रीधारी युवाओं को शिक्षक के लिए योग्य माना।
राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूल के लिए बीएड डिग्रीधारी युवाओं का चयन कर लिया और पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए। अब ये सभी शिक्षक प्राइमरी स्कूल्स में अपनी सेवा दे रहे हैं।
बीएड शिक्षकों की नियुक्ति के बाद डीएलएड डिप्लोमाधारी कैंडिडेट्स ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई।
बीएड शिक्षकों की नियुक्ति तय मापदंडों के विपरीत बताया। साथ ही कोर्ट से गुहार लगाई थी कि मेरिट के आधार पर डीएलएड डिप्लोमाधारी उम्मीदवारों को प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त किया जाए। इसकी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में आपत्ति को सही माना और राज्य शासन को नोटिस भेजा। इस नोटिस में प्राइमरी स्कूलों में बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को बाहर कर डीएलएड डिप्लोमाधारी उम्मीदवारों की मेरिट के आधार पर सूची तैयार कर नियुक्ति प्रदान की जाए।
कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार के द्वारा 2900 से ज्यादा शिक्षकों को बाहर किया जा सकता है। इसकी प्रक्रिया आज से शुरू हो सकती है। 14 माह के बाद ये शिक्षक अब बाहर हो जाएंगे। इनकी नौकरी जा सकती है और ये बेरोजगार हो सकते हैं। इसके लिए राज्य शासन ने प्रदेश स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।