जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए बीजेपी में बन गए थे तीन खेमे? कैसे बने अग्रवाल नवीन कुमार जिपं अध्यक्ष…पढ़िए पूरा विश्लेषण!

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और यहां से जिला पंचायत की सीट बीजेपी ने दो वोट से फतह कर ली है और खरोरा के नवीन अग्रवाल जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो गए।

रायपुर जिला पंचायत चुनाव दो बार टाला गया और आखिरकार 20 मार्च को मतदान संपन्न हुए, जहां 9 वोट से बीजेपी के नवीन अग्रवाल विजय घोषित हुए।
इससे पहले नवीन अग्रवाल जिला पंचायत रायपुर के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इस बार रायपुर जिला पंचायत बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल साबित जान पड़ रही थी, क्योंकि दोनों दलों के पास आठ-आठ जिला पंचायत सदस्य होने की बातें चल रही थी, ऐसे में लगातार कांग्रेस दावा कर रहा था की जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस का ही प्रत्याशी ही जीत दर्ज करेगा और इस तरह पिछली 12 तारीख को एक बार फिर से तारीख बढ़ाते हुए 20 मार्च तय कर दिया गया था, कहा जाता है इस बीच बीजेपी ने दो निर्दलीय सदस्यों को साध लिया और आखिरकार बीजेपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया।

भारतीय जनता पार्टी के लिए यह नाक की लड़ाई थी!
आखिर जिस प्रदेश में भाजपा की सरकार है वहीं प्रदेश की राजधानी में जिला पंचायत पर किसी अन्य दल का कब्जा हो जाता तो यह जग हंसाई वाली बात थी?
इधर नगर खरोरा में लगातार यह चर्चा का विषय रहा, यहां का हर व्यक्ति नवीन अग्रवाल के अध्यक्ष बनने को लेकर आश्वस्त था और आखिरकार उस विश्वास की जीत हुई।

बाजेपी में जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर थे तीन दावेदार?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा आम थी की बीजेपी इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर तीन खेमे में बंट गई है, अध्यक्ष को लेकर जहां विधायक अनुज शर्मा की पसंद अलग और विधायक खुशवंत गुरु सहित सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पसंद अलग अलग थी?
ऐसे में भारी विरोधाभास इस बार के चुनाव में पार्टी के बड़े नेताओं में रहा ये सूत्र बताते हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस भी बहुमत का ताल ठोक रही थी, ऐसे में दो बार तारीख टाली गई, मामला विधासभा में भी गूंजा अंततः साम, दाम, दंड, भेद की राजनीति काम आई और सांसद के चहेते प्रत्याशी नवीन अग्रवाल जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए।

भीतर खाने यह चर्चा भी रही की जिन दो खेमों ने अपने अपने चहेते प्रत्याशियों के लिए जुगत बैठाई थी उन्हें एक बड़े नेता ने खूब खरी खोटी सुनाई और अगली बार से सुधर जाने की चेतावनी भी दे डाली?

देखा जा रहा है की जिस तेजी से बीजेपी जीत का डंका बजा रही है, नेताओं में मनमुटाव भी उसी तेजी से घर कर रही है!
बीजेपी नेताओं में अपने अपने चहेतों के लिए टकराव की शुरुआत हो चुकी है?
जिला, जनपद की बात तो निराली है ही मंत्री और विधायकों में भी वर्चस्व की लड़ाई जारी है!

कोरबा में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन का मामला अभी जोरों पर है, जहां बीजेपी के ही नेताओं ने उसकी कुर्सी खींचने साज़िश की ऐसा आरोप लग रहा है, साथ ही एक ऑडियो भी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।
फिलहाल जिला पंचायत रायपुर में बीजेपी का परचम फहर चुका है और अब ये सारी बातें आई गई हो जायेगी!

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