Korba: मंत्री रामविचार को महिलाओं ने घेरा, फ्लोरा मैक्स कंपनी की पीड़ित हैं!

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कृषि मंत्री राम विचार नेताम को करीब 500 महिलाओं ने घेर लिया। मंत्री नेताम एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने कोरबा पहुंचे थे, जहां महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और उनके काफिले को वाल्मीकि आश्रम के कार्यक्रम स्थल पर ही रोक लिया।

महिलाएं आरोप लगा रही हैं कि फ्लोरा मैक्स कंपनी ने उनसे लगभग 500 करोड़ की धोखाधड़ी की है। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई है।

कोरबा जिले में करीब 500 महिलाओं ने घेर लिया है।

सिविल थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर मंत्री को घेरकर बैठीं महिलाएं
महिलाओं का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे मंत्री को यहां से नहीं जाने देंगी। वे फ्लोरा मैक्स कंपनी से जुड़ी अपनी समस्याओं और लंबित मुद्दों का तत्काल समाधान चाह रही थीं।
आक्रोशित महिलाएं एसपी ऑफिस, कलेक्टर कार्यालय और सिविल थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर मंत्री को घेरकर बैठ गईं। मंत्री को घेरते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी और कलेक्टर अजित वसंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, और करीब एक घंटे तक महिलाएं उनका घेराव करती रहीं।
महिलाओं ने फ्लोरा मैक्स कंपनी पर लगाए ये आरोप
महिलाओं ने फ्लोरा मैक्स कंपनी पर आरोप लगाया है कि 2022 में कंपनी ने उन्हें लुभावने बिजनेस लोन दिलवाए थे और वादा किया था कि वे लोन की किस्तें खुद भरेंगी।

लेकिन कुछ समय बाद कंपनी ने किस्तें देना बंद कर दिया, और उसके बाद कंपनी से जुड़े कुछ लोग करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गए। इसके बाद कंपनी बंद हो गई और अब बैंक महिलाएं से कर्ज की वसूली कर रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं और लगातार प्रदर्शन कर रही हैं।

पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
महिलाओं ने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना था कि पुलिस और स्थानीय नेताओं ने उन्हें इस कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन अब जब वे कर्जदार बन गई हैं, तो कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा।
महिलाएं कर्ज माफी की मांग पर अड़ी हुई हैं और उनका कहना है कि जब तक उनका कर्ज माफ नहीं होता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगी।

फ्लोरा मैक्स कंपनी के माध्यम से महिलाओं से ठगी
आरोपियों ने फ्लोरा मैक्स कंपनी के माध्यम से महिलाओं से ठगी की। आरोपी अखिलेश सिंह और उसके साथी ने इस कंपनी को चलाया, जिसकी शाखाएं कोरबा और चांपा में थीं। कंपनी ने महिलाओं से 30 हजार रुपये जमा करवाए थे और उन्हें हर महीने 2700 रुपये देने का वादा किया था।

इसके अलावा कंपनी साड़ी, बर्तन, जूते, ज्वेलरी जैसे सामान भी देती थी, जिन्हें बेचकर महिलाएं फिर से कंपनी में 35 हजार रुपये जमा करती थीं। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। जब यह फर्जी गतिविधियां उजागर हुईं, तो पुलिस ने कंपनी को सील कर दिया।

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