छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित होने के बाद उस पर विवाद सांप्रदायिक होते नजर आ रहा है!
इस विवाद के दौरान धरना प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी जोहार छत्तीसगढ़ के नेता अमित बघेल ने भाव आवेश में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित होने और लगातार हो रहे छत्तीसगढ़िया पुरखों के अपमान को लेकर सिंधी और अग्रवाल समाज के पुरखों पर टिप्पणी कर दी और उन्होंने पूछ लिया कि आखिर सिंधी, अग्रवाल समाज या फिर भारतीय जनता पार्टी के पुरखों पर इस तरह आघात क्यों नहीं होता?
इस बात ने बात का बतंगड़ बना दिया देखते ही देखते सिंधी और अग्रवाल समाज ने विरोध का कमान संभाल लिया FIR दर्ज होने लगे, रैलियां निकलने लगी और ठीक उसी रात रायगढ़ में सिंधी समाज के युवक ने अमित बघेल को गालियां दी साथ ही पूज्य गुरु घासीदास बाबा के अस्तित्व को चुनौती दी अमर्यादित शब्द कहे और इससे व्यथित होकर सतनामी समाज के साथ ही पूरा छत्तीसगढ़िया समाज आंदोलित हो गया आनन फानन में सरकार ने कड़ी कार्रवाई की रायगढ़ के आरोपी युवक विजय राजपूत को अरेस्ट कर जुलूस निकाला गया, इससे पहले विजय राजपूत ने सोशल मीडिया पर अपने इस बात के लिए माफी भी मांगी।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति भी VIP चौराहे पर रातों रात स्थापित कर दी गई पर विवाद गहराना शुरू हो गया।
सिंधी और अग्रवाल समाज के गुरुओं का कथित अपमान तेजी से देश भर में चर्चा का विषय बन गया लोग अपने सोशल मीडिया हैंडल से इसका विरोध करने लगे और देखते ही देखते देश के अन्य राज्यों में अमित बघेल के खिलाफ मामले दर्ज हो गए, इस बीच छत्तीसगढ़ में भी कई जिलों में अमित बघेल के खिलाफ मामले दर्ज हुए और उनकी गिरफ्तारी को लेकर सिंधी और अग्रवाल समाज ने प्रशासन पर दबाव बनाया पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए अमित बघेल के घर दबिस दी जहां पर वे नहीं मिले और इस तरह उनके कई रिश्तेदारों के घर भी पुलिस ने कार्रवाई की खोजबीन की पर अमित बघेल नहीं मिले और अंततः उन्हें फरार घोषित कर उन पर 5000 का पुरस्कार भी घोषित कर दिया गया।
इस बीच प्रदेश की एक बड़ी और जिम्मेदार टीवी चैनल विस्तार न्यूज़ ने प्रदेश और देश में बिगड़ते सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने की नियत से तेलीबांधा तालाब मरीन ड्राइव रायपुर में एक ओपन डिबेट शो का कार्यक्रम छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया…का आयोजन किया जिसमें सभी धर्म समाज समुदाय के लोग शामिल हुए और प्रदेश के साथ ही देश में सामाजिक समरसता के लिए दिल खोलकर बात हुई।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, सामाजिक चिंतक, फिल्म लेखक, पत्रकार गजेंद्ररथ ने अपने विचार रखते हुए कहा की दुनिया में प्रारब्ध से ही अस्मिता की लड़ाई लड़ी जा रही है और क्योंकि छत्तीसगढ़ एक लंबे अरसे से अपनी पहचान अपने सांस्कृतिक मूल्य के साथ क्षेत्रीय पुरखों की स्थापना की लड़ाई लड़ रही है ऐसे में जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटी तब हर छत्तीसगढ़िया मन भर रोया है, आंखें छलकी है, गुस्सा और दुख भी हुआ और इसी बीच जब अमित बघेल ने अपनी प्रादेशिक अस्मिता की बात कहते हुए सिंधी समाज और अग्रवाल समाज के पुरखों पर सवाल दागा तब संबंधित समाज पर भी अस्मिता को चुनौती वाली बात हावी हो गई उन्हें भी लगा कि अब उनके अस्मिता को ललकार जा रहा है।
ऐसे में यह पूरा समाज आंदोलित हो गया और यह मानवीय भावना है, सभ्य समाज में संत किसी समाज व्यक्ति या संस्था का नहीं होता बल्कि सर्वत्र होता है लेकिन जब हम अपनी क्षेत्रीय अस्मिता की बात कहते हैं तो हमारे मन में हमारे क्षेत्र के गुरु पुरखों का चित्र पहले होता है और जब सिंधी समाज को पाकिस्तानी शब्द से संबोधित किया गया, मुझे लगता है तब उनकी अस्मिता को गहरी चोट लगी, उन्हें यह एहसास हुआ कि आखिर क्यों उसके समाज को इस देश से बाहर का बताया जा रहा है क्योंकि वह अखंड भारत का हिस्सा रहे हैं।
बंटवारे में जब सिंध पाकिस्तान की ओर चला गया तब सिंधियों ने अपनी जमीन हिंदुस्तान में खोजी और सारा कुछ छोड़कर नए सिरे से जीना भारत की धरती से शुरू किया, वह उतने ही भारतीय हैं जितना कि भारत का हर भारतीय।
शायद उन पर यही टिप्पणी उनके अस्तित्व को उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वाली थी, ठीक यही बात आम छत्तीसगढ़ियों के मन में भी एक पीड़ा की तरह है जिस तरह से बीते कुछ सालों में छत्तीसगढ़ के नदी तालाबों चौक चौराहों से उनके पुरखों का नाम मिटा कर अन्य पुरखों को स्थापित किया गया, यही दर्द, यही पीड़ा अमित बघेल के मन में भी था, आम छत्तीसगढ़ियों के मस्तिष्क में यह बात घूम रही थी और शायद यही बात भीतर से निकल कर एक बड़ा विवाद का रूप ले लेती है।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ की फिजा जहरीली ना हो शांति सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से सभी समाजों को एक मंच पर एक साथ, एक मजबूत विचारधारा के साथ अपनी अखंडता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि वे आपस में बात करें।
विस्तार न्यूज़ के संपादक ज्ञानेंद्र तिवारी ने यह मौका बनाया सभी समाज प्रमुख एक मंच पर छत्तीसगढ़ की वर्तमान स्थिति का मंथन किया, निष्कर्ष निकाला कि हम सब एक हैं, एक ही ईश्वर के बंदे हैं, छत्तीसगढ़ महतारी हम सब की मां है और छत्तीसगढ़ के प्रति हमारा पहला कर्तव्य है।
मां भारती ही छत्तीसगढ़ की मां है और देश प्रथम के मूल वाक्य को समझना होगा हम जहां रहते हैं जहां का अन्न जल ग्रहण करते हैं उस जगह के प्रति वहां के लोगों के प्रति हमारी आस्था हमारा सम्मान अधिक हो यही संदेश विस्तार के मंच से प्रेषित हुआ।
गजेंद्ररथ गर्व 9827909433
