🪔 धनतेरस 2026 : पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और सोना खरीदने का उत्तम समय
इस वर्ष धनतेरस का पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जा रहा है। धनतेरस को धन, आरोग्य, सुख-समृद्धि और नए शुभ कार्यों की शुरुआत का विशेष पर्व माना जाता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
![]()
1. धनतेरस 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
दिन: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: सुबह 10:31 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर सुबह 10:48 बजे।
इंदौर के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त
विवरण
समय
सूर्यास्त
शाम 5:46 बजे
प्रदोष काल
शाम 5:46 से 8:20 बजे
लक्ष्मी-कुबेर पूजा
शाम 6:18 से 8:17 बजे
यम दीपदान
सूर्यास्त के बाद
यह समय इंदौर के स्थानीय पंचांग के अनुसार है।
2. धनतेरस पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यता के अनुसार धनतेरस पर सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
6 नवंबर को सोना खरीदने के अच्छे मुहूर्त (इंदौर):
शुभ समय
मुहूर्त
अमृत चौघड़िया
सुबह 9:22 से 10:46 बजे
शुभ चौघड़िया
दोपहर 12:10 से 1:34 बजे
चर चौघड़िया
शाम 4:22 से 5:46 बजे
लाभ चौघड़िया
रात 8:58 से 10:34 बजे
ध्यान दें: त्रयोदशी सुबह 10:31 बजे शुरू होगी, इसलिए सुबह के अमृत मुहूर्त में 10:31 के बाद का समय ही त्रयोदशी के भीतर आएगा।
सलाह: सोना खरीदने के लिए दोपहर 12:10 से 1:34 बजे का समय अच्छा विकल्प है।
3. धनतेरस की पूजा विधि
धनतेरस पर घर में इस प्रकार पूजा करें।
पूजा की सामग्री
भगवान धन्वंतरि की तस्वीर या प्रतिमा
माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा
भगवान कुबेर की तस्वीर
दीपक, धूप, अगरबत्ती
रोली, अक्षत, फूल और माला
फल, मिठाई और नैवेद्य
चांदी या सोने का सिक्का (उपलब्ध हो तो)
पूजा का क्रम
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा की चौकी सजाएं।
भगवान गणेश का स्मरण करके पूजा प्रारंभ करें।
भगवान धन्वंतरि को पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करें।
खरीदे गए सोने-चांदी के आभूषण अथवा सिक्के को पूजा में रखें।
आरती करके परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।
4. यम दीपदान का विशेष महत्व
धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के निमित्त सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है।
मान्यता है कि यम दीपदान से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से रक्षा और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
5. इस वर्ष धनतेरस की विशेषता क्या है?
2026 की धनतेरस कुछ विशेष कारणों से चर्चा में है।
1. शुक्रवार का संयोग: शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी से संबंधित माना जाता है। इसलिए लक्ष्मी पूजन के लिए इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है।
2. मालव्य राजयोग: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष धनतेरस पर मालव्य राजयोग का विशेष संयोग बताया जा रहा है।
3. धनतेरस और प्रदोष का संयोग: इस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने से शिव आराधना, लक्ष्मी-कुबेर पूजन और दीपदान का विशेष महत्व है।
4. आरोग्य की कामना: भगवान धन्वंतरि की पूजा करके परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना की जाती है।
6. धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
सोना और सोने के सिक्के
चांदी के सिक्के और आभूषण
तांबे और पीतल के बर्तन
नए बर्तन
झाड़ू
धनिया और अन्य शुभ पूजन सामग्री
🪔 धनतेरस का आध्यात्मिक संदेश
धनतेरस केवल धन-संपत्ति खरीदने का पर्व नहीं है। यह आरोग्य, परिश्रम, समृद्धि और परिवार की खुशहाली का उत्सव भी है।
भगवान धन्वंतरि से आरोग्य, माता लक्ष्मी से समृद्धि और भगवान कुबेर से धन-धान्य की मंगलकामना।
आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

