28 नवंबर: राजभाषा दिवस और अमित बघेल का जन्मदिन…!

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फायर ब्रांड अमित बघेल, जी हां छत्तीसगढ़ में आज सबसे ज्यादा चर्चित और सबसे ज्यादा सर्च इंजन को प्रभावित करने वाला कोई नाम है तो वह है अमित बघेल!
कौन है अमित, कहां से आया है क्यों चर्चित है, ऐसा क्या कर दिया अमित बघेल ने जिसके ऊपर 12 राज्यों में एफआईआर दर्ज हो गए?
अमित बघेल छत्तीसगढ़ की अस्मिता की लड़ाई लड़ रहे हैं स्थानीयता, जल जंगल जमीन और छत्तीसगढ़िया अधिकार की लड़ाई एक दशक से गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना लड़ता आ रहा है और अब राजनीतिक विंग जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी भी मैदान में है।
मेरी पहचान अमित बघेल से ठीक आज ही के दिन 2014 में हुई थी, तब मैं प्रदेश के सबसे बड़े टीवी चैनल IBC 24 में छत्तीसगढ़ी प्रभाग संभालता था और उसी हैसियत से राजभाषा दिवस के कार्यक्रम में मुझे आमंत्रित किया गया था, प्रेस क्लब रायपुर के सभागार में आयोजित राजभाषा के कार्यक्रम में मेरी एक कविता मैं छत्तीसगढ़िया तांव… मैंने पढ़ी और वापसी में अमित बघेल से भेंट, बातचीत और संपर्क सूत्र बना, चर्चाएं होने लगी, बैठकों में मुझे आमंत्रित किया जाने लगा और मैं क्योंकि रायपुर में ही दिनभर रहता ऐसे में बैठकों में शामिल भी होने लगा, मुझे अपनी बात रखने आमंत्रित किया जाता और देखते ही देखते मैं CKS के अघोषित प्रवक्ता के रूप में पहचाना जाने लगा।
अब बहुत साथियों के कॉल आते संगठन से जुड़ने के लिए या फिर किसी तरह की मदद के लिए और मैं करता!
बहुत सारे आंदोलनों में शामिल हुआ, अभनपुर के कोलर क्रांति पर मैंने पहले भी लिखा है, पर संगठन की गैर जरूरी उग्रता से मैं आहत रहता, क्योंकि शुरुआती CKS में सभी पीड़ित, शोषित और मजदूर वर्ग के लोग ही जुड़े थे और CKS को फैक्ट्री या कारखानों में स्थानीय मजदूरों की लड़ाई लड़ने के लिए ज्यादातर आमंत्रित किया जाता था और इस तरह कई साथियों पर कार्रवाई होती, वे जेल जाते, उनके परिवारों की स्थिति देख मैं दुखी होता और संवैधानिक लड़ाई के लिए अपनी बातें रखता।
आज तक के समय काल में लगभग सैकड़ों CKS सेनानी जेल यात्रा कर चुके हैं और सेना भी छोड़ चुके हैं, आज सेना की स्थिति, आगे पाट पीछे सपाट की कहूं तो गलत नही होगा?
जितने लोग नए जुड़े उससे कहीं ज्यादा पुराने लोग सेना से कट चुके हैं?
कारण खोजने पर आपसी मतभेद ही दिखे, संगठन में हर तरह के लोग थे और तरह तरह के अफवाही आरोपों की झड़ी लगती, इससे संगठन प्रभावित होता था, कुछ ऐसे लोग जो खुद को अमित बघेल के बहुत करीबी बताते उनके द्वारा दूसरे सेनानियों को नीचा दिखाने जुगत भिड़ाई जाती और इस तरह स्वाभिमानी लोग संगठन से दूर होते गए?
अमित बघेल का तेवर ही उसके लिए अन्य लोगों में प्रभाव का कारण बना तो वहीं उसके संगठन और व्यक्तिगत जीवन के लिए नुकसान वाली साबित हुई?
राजनीतिक जीवन में विनम्र बने रहना उतना ही जरूरी है जितना एक शिकारी को अपने शिकार के लिए गंभीर और एकाग्र होना!
राजनेता का व्यक्तित्व खुद के व्यवहार से ज्यादा उसके आसपास और साथ रहने वाले लोगों से ज्याता तय होता है!
निंदक नियरे रखिए…आंगन कुटी छबाय!!
हर उस इंसान के लिए है जो किसी तय लक्ष्य को लेकर चल रहा है, आत्मावलोकन तभी संभव है जब कोई आपकी क्रिया और प्रतिक्रिया पर नजर रखे आपको बताए और आप उस पर अमल करें।
हेट स्पीच का जो मामला आज अमित बघेल को देशव्यापी प्रचार दे रहा है कुछ बचकाने लोग इसे फोकट का प्रचार और प्रसिद्धि बताने जैसा तर्क दे रहे हैं और मुझे उनका राजनीतिक जीवन और उनकी पार्टी का अस्तित्व खतरे में जान पड़ता है?
क्योंकि छत्तीसगढ़ की तासीर नरम, शांत और एकांतवासी है ऐसे में जनश्रुति अमित बघेल के पक्ष में शायद कोई कमाल कर पाए!
इस घटना से पहले भी जैन धर्म के गुरुओं पर वे हेट स्पीच कर चुके हैं तब इनके खुद के(कुर्मी)समाज प्रमुखों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया था!
छत्तीसगढ़ की तासीर और लोगों का अपने हितों के प्रति जागरूक न होने का ख्याल अब खत्म हो रहा है, आज जब सरकारें प्रदेश की जल जंगल जमीन पर लूट मचाए हुए हैं तब इस प्रदेश का युवा एक अलग सोच लिए आगे आ रहा है और शायद अब युवावर्ग को अमित बघेल जैसे नेतृत्व की जरूरत पड़े, जब दुश्मन सीधा गला दबाने पर उतर आए तब जान बचाने की जद्दोजहद हर अपराध को छोटा बना देती है और अब शायद प्रदेश का युवा अंतिम लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है?
अमित बघेल को प्रदेश की राजनीति में नकारा नहीं जा सकता आज उसके साथ चलने वाले युवा असंख्य हैं और शायद छत्तीसगढ़ की दबी कुचली जनसंख्या को अमित बघेल में उनका अगला नेतृत्व दिख रहा?

अमित बघेल अभी हेट स्पीच मामले में फरार चल रहे हैं और आज उनका जन्मदिन है संयोग की आज ही के दिन 28 नवंबर को ही साल 2007 में छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिला और यह दिन ऐतिहासिक हो गया, अमित बघेल का जन्मदिन भी आने वाले वक्त का ऐतिहासिक दिन होगा, जिस तेजी से अमित बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता खासकर युवा वर्ग का साथ मिल रहा है, भविष्य में अमित बघेल एक बड़े राजनेता बनकर उभरेंगे!
आज प्रदेशवाद के पढ़ने वालों को पहले राजभाषा दिवस की बधाई साथ ही JCP सुप्रीमो अमित बघेल को जन्मदिन मुबारक, आने वाला समय उनके लिए अनुकूल और प्रदेश की राजनीति में वर्चस्व स्थापित करने वाला हो ऐसी कामना…
गजेंद्ररथ गर्व

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