आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ लंबे समय से धर्म परिवर्तन के मामले में विवादित ही रहा है।
प्रायः वनांचल क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कर आदिवासियों को ईसाई धर्म में प्रवेश की खबरें आती रही है लेकिन अब मैदानी क्षेत्र में भी गैर आदिवासियों के धर्म परिवर्तन का मामला बड़ रहा है, ताजा मामला नगर पंचायत खरोरा के समीप कठिया नंबर एक गांव का है, कुछ दिन पहले कठिया के ग्रामीणों ने खरोरा थाना पहुंचकर एक पास्टर द्वारा बीमारियों को ठीक करने के बदले धर्म परिवर्तन का दबाव डालते हुए लोगों को बरगलाने और उनका जबरिया धर्म परिवर्तन करने की शिकायत की गई थी इसके पश्चात खरोरा थाना पुलिस ने मामले की छानबीन की आरोपी पास्टर अनूप सेंडे उम्र 28 वर्ष की गिरफ्तारी की गई, पूछताछ में आरोपी ने माना भी कि वे लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहे थे! इसके बाद पुलिस ने धर्म स्वतंत्र अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को जेल भेज दिया है।
आपको बताते चलें कि अभी-अभी विधानसभा छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को लेकर कड़े कानून बनाए गए हैं और शायद कानून बनने के बाद खरोरा थाना का मामला धर्म परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहला बड़ा मामला है! अब देखना होगा की सरकार कितनी कड़ाई से कानून का पालन करवाती है।
बताया जा रहा है की आरोपी पास्टर खरोरा में किराए का मकान लेकर रह रहा था और लोगों को बीमारियों के इलाज और आर्थिक प्रलोभन देकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए तैयार कर रहा था!
आरोपी पास्टर अनूप मूल रूप से महाराष्ट्र के बदरपुर का निवासी है।
