तिल्दा में ग्राम अलदा के ग्रामीणों का उग्र विरोध, तीन दिनों से एसडीएम कार्यालय के सामने धरना जारी!
तिल्दा (छत्तीसगढ़) — ग्राम अलदा के ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन अब तेज़ होता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से बड़ी संख्या में ग्रामीण तिल्दा एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। खास बात यह है कि इस आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। धूप से बचाव के लिए युवक चादर तानकर खड़े हैं, जिसके नीचे महिलाएं बैठकर अपना विरोध दर्ज करा रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पहले “बालाजी इस्पात” नामक कंपनी के लिए फर्जी जनसुनवाई कराई गई थी। साथ ही, गांव के सरपंच पर भी फर्जी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गांव वालों ने आरोपी पूर्व सरपंच का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। वहीं, अब यह आंदोलन केवल कंपनी के विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी खुलकर नाराज़गी सामने आ रही है।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टंकराम वर्मा के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि मंत्री ने इस मुद्दे पर उनका साथ नहीं दिया और न ही उनके समर्थन में कोई बयान दिया, जबकि उन्हें गांव वालों ने ही चुनकर विधानसभा तक पहुंचाया।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि मंत्री लिखित रूप में यह आश्वासन दें कि भविष्य में उनके गांव में कोई भी औद्योगिक कंपनी स्थापित नहीं की जाएगी। उनका साफ कहना है कि जब तक यह लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
ऐसा पहली बार देखा जा रहा है की ग्रामीण इस कदर आंदोलित हैं की जनप्रतिनिधियों का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं, बीते तीन दिनों से ग्रामीण तिल्दा SDM कार्यालय के सामने भूखे प्यासे बैठे हैं, वहीं प्रशासन ने अब तक कोई खबर इनकी नही ली है!

