जमीनों पर कब्जा, हर बार किसका नाम…दादा ठाकुर ने बताया, पढ़िए!

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार जमीनों पर कब्जे की शिकायतें बढ़ रही है!
आए दिन किसान की जमीनों या सरकारी जमीनों पर कब्जे की कहानी अखबारों की सुर्खियां बन रही है, इस पर प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भी मोर्चा खोला हुआ है, छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ भी इस मामले में होने वाले आंदोलन को लगातार कवर कर रही है।
रायपुर के जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल द्वारा किसानों को प्रताड़ित करने के मामले राजधानी रायपुर के आसपास के गांव से मिलते रहे हैं तो वहीं राजधानी में कॉलोनी बसाने वाले 90% क्षेत्र में जमीनों की कब्जे की बात उजागर होती रही है।

हीरापुर, रायपुर का मामला

हनुमान जयंती के दिन ही राजधानी रायपुर के हीरापुर में एक कॉलोनी से होकर जाने वाले आम रास्ते को बिल्डर पवन अग्रवाल द्वारा दीवाल उठाकर बंद कर दिया गया था जिसकी शिकायत हीरापुर के लोगों ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से की थी, मौके पर पहुंचकर सेना के संरक्षक दादा ठाकुर रामगुलाम ने आरोपी पवन अग्रवाल से बात की दोनों के बीच तू तू मैं मैं की भी खबर है, बिल्डर द्वारा स्थानीय लोगों को डराने के लिए हथियारबंद बाउंसर लाने की भी बात क्रांति सेना ने बताई है यानी की छत्तीसगढ़ के आम लोगों को डरा धमकाकर उनके अधिकारों पर कब्जा जमाने का शानदार खेल परप्रांतीय कर रहे हैं।

अनिल अग्रवाल ने खड़ा कराया था दीवाल, प्रशासन ने तोड़ी

इस मौके पर पीड़ित छत्तीसगढ़ियों के साथ प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन CKS के सेनानी मौजूद थे, पत्रकार के एक सवाल की हर कब्जे मामले में वर्ग विशेष ही क्यों शामिल होता है पर संगठन के संरक्षक दादा ठाकुर ने बताया की 1980 में पड़ोसी राज्य उड़ीसा में इस वर्ग विशेष की इन्हीं करतूत के वजह से इन्हें मार कर भगाया गया था! वहां से यह वर्ग छत्तीसगढ़ आकर बस गया और आज लगभग 40-45 सालों में छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता को लूट कर यहां की जल जंगल जमीन को बेचकर इस प्रदेश के सबसे बड़े व्यापारी बन बैठे हैं, इनका धर्म सिर्फ पैसा है इन्हें मानवता जैसी बातों से कोई लेना-देना नहीं है! दादा ठाकुर ने आवाहन किया और कहा की छत्तीसगढ़ियों जाग जाओ अब वक्त आ चुका है अपनी जल जंगल जमीन और छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता बचाने का।
बताते चलें कि, जमीन कब्जा मामलों में पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है सरकारी जमीनों पर कब्जा, कूटरचना कर जमीनों की बिक्री और लगातार किसानों को प्रताड़ित करने के मामले राजस्व विभागों में दर्ज हैं लेकिन फिर भी राजस्व अमला इन पर कार्रवाई नहीं करता, यह भी बड़ी विडंबना है।

भ्रष्टाचार में सबसे आगे राजस्व विभाग का ही नाम है ऐसे में अधिकारियों और मंत्री तक को जेब में रखने की बात जमीन कारोबारी छाती ठोक कर कहते हैं लेकिन परिस्थितियां बदल रही है सीधे-साधे छत्तीसगढ़ियों की ओर से लड़ने वाला यह गैर राजनीतिक संगठन CKS लगातार ताल ठोक रहा है, आम जनता को भी जागरुक कर रहा है, एकजुटता में ताकत की बात अब छत्तीसगढ़ की जनता को समझना होगा।
ऐसे मामलों में मुखर होकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए स्थानीय लोगों को अपील करते हुए मीसाबंदी दादा ठाकुर राम गुलाम सिंह ने कहा कि गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना हमेशा स्थानीय लोगों के साथ है, किसी से डरने की जरूरत नही है, अपने अधिकारों के लिए आम छत्तीसगढ़ियों को सजग होना होगा।

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