JCP सुप्रीमों अमित बघेल को अंतरिम जमानत!
हेटस्पीच के 14 मामलों में मिली राहत!
छत्तीसगढ़ प्रदेश अस्मिता की लड़ाई लड़ रहा है, इसी क्रम में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के तेजतर्रार मुखिया अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ती खंडित होने पर जो आरोप परप्रान्त के लोगों और उनके आराध्य को लेकर लगाए थे उन पर सिंधी और मारवाड़ी समाज ने कई प्रदेशों में रिपोर्ट दर्ज कराए थे, ऐसा छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ था कि किसी नेता पर देशव्यापी प्रतिक्रिया दिखी।
अमित बघेल ने किसी तरह से कोई माफी नही मांगने की बात सार्वजनिक रूप से कहते हुए कहा था कि उन्होंने किसी के आराध्य को कोई अपशब्द नही कहे हैं बल्कि अपनी आराध्या छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान को लेकर सरकार से सवाल किए हैं और वे न्यायालय में इसका जवाब देंगे।
वे फरार भी रहे और सरेंडर भी किया, जेल में डाल दिये गए और उन पर बलौदाबाजार अग्निकांड मामले में भी गिरफ्तारी हो गई, अब उच्च न्यायालय ने उन्हें हेटस्पीच के 14 मामलों में अंतरिम जमानत दी है देखना होगा आगे कैसे कैसे मोड़ आते हैं?
बदले की राजनीति का आरोप!
क्योंकि वर्तमान में प्रदेश की सबसे सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दल जोहार छात्तीसगढ़ पार्टी है ऐसे में सत्ता सरकार और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के लिए JCP सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी पार्टी है!
जिस रफ्तार से अमित बघेल छत्तीसगढ़ की राजनीति में जनप्रिय हो रहे हैं यह भी कॉरपोरेट दलों के लिए चिंता का विषय है, वहीं अमित बघेल जिस तेवर में छत्तीसगढ़ की जनमानस को जगा रहे हैं ये भी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की आंख में किरकिरी ही है?
JCP कार्यकर्ता और प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के सेनानी लगातार सरकार की कार्रवाई को बदले की कार्रवाई बता रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि प्रादेशिक राजनीति में बड़े बदलाव को बीजेपी और कांग्रेस बर्दाश्त नही कर पा रहें, इसलिए एनकेन प्रकारेण JCP नेता अमित बघेल को जेल में बंद रखने की जुगत भीड़ा रहें हैं!
बलौदाबाजार अग्निकांड में इतने सालों बाद अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की गिरफ़्तारी कई शंका पैदा करने वाली है, आख़िर ये आरोपी थे तो अब तक क्यों नहीं पकड़े गए?
अस्मिता को लेकर मुखर होती जनता के बीच से अमित बघेल को बाहर करने के लिए ही यह पैंतरा खेला गया है ऐसा राजनीतिक जानकार कहते हैं!
बता दें की अमित बघेल ने बीजेपी के पितृ पुरुषों को लेकर भी टिप्पणी की थी, कहते हैं इसकी चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय बैठक में हुई जिसके बाद यह कूटनीतिक चाल चली गई?

अमित बघेल को जेल, JCP के लिए फायदेमंद!
आज जब प्रदेश की जनता तीसरा विकल्प तलाश रही है ऐसे में अमित बघेल की पार्टी JCP ही दिखाई पड़ती है, JCP कार्यकर्ता भी सक्रिय भूमिका में हैं।
ऐसे में राजनीतिक ज्ञानी, अमित बघेल की जेल यात्रा को साकारात्मक परिणाम के साथ देखते हैं पर यह समय तय करेगा क्योंकि चुनाव अभी दूर है और शायद इस बात की आशंका सत्ताधारी दल को भी है ऐसे में अमित बघेल को ज्यादा दिन जेल में रखना उसकी लोकप्रियता बढ़ाना ही होगा और बाजेपी ऐसा नहीं करेगी?
आलेख: गजेन्द्ररथ गर्व
प्रदेश अध्यक्ष – छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ, छत्तीसगढ़
