नगर पंचायत खरोरा के तिरंगा चौराहे पर दीपावली के ठीक पहले एक नाबालिग स्कूली छात्र सड़क हादसे का शिकार हो जाता है, इससे पहले भी कई हादसे तिरंगा चौराहे पर हो चुके हैं और इसलिए लगातार स्थानीय लोग यहां पर ब्रेकर और सिग्नल की मांग करते रहे हैं।
नाबालिग स्कूली छात्र की मौत की खबर क्षेत्र के लिए बहुत दुखदाई था क्योंकि यह वही रास्ता है जिससे होकर सैकड़ो स्कूली बच्चे स्कूल आते जाते हैं।
मृतक स्कूली छात्र के पिता ने प्रदेशवाद को बताया कि जब क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा शोक जताने उनके घर पहुंचे हुए थे तब मृतक बच्चे की दादी और दादा सहित पूरे परिवार ने हाथ जोड़कर विनती की थी की खरोरा तिरंगे चौराहे पर जल्द से जल्द ब्रेकर और सिग्नल की व्यवस्था कर दी जाए ताकि जो दुख उनका परिवार झेल चुका अब कोई दूसरा ना झेले!

नगर खरोरा के युवा संगठन लगातार ब्रेकर बनाने के लिए नगर पंचायत प्रबंधन सहित माननीय विधायक कार्यालय को भी आवेदन, निवेदन करते रहे और इस तरह यह घटना महीनों आगे बढ़ गई, जब युवा साथियों ने देखा की कोई इस मामले के लिए गंभीर नहीं है तब उन्होंने धरना प्रदर्शन करने की योजना बनाई और आखिरकार 6 नवंबर दिन गुरुवार को पूरा युवा दल तिरंगा चौराहे पर धरना देने बैठ गए इसकी खबर प्रशासन को लगी वहीं जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल जो की नगर खरोरा के ही निवासी हैं और इसी रास्ते से हर दिन उनका भी आना जाना है जनप्रतिनिधि नवीन अग्रवाल धरना प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मिले उनसे बातचीत की और तुरंत ही संबंधित विभाग को फोन लगाकर ब्रेकर बनाने निर्देशित किया साथ ही नवीन अग्रवाल ने पुलिस थाना खरोरा को भी बैरिकेटिंग के लिए निर्देशित किया और स्कूली बच्चे आसानी से सड़क पर कर सके ऐसी व्यवस्था निर्मित करने की समझाइस दी।

नगर पंचायत खरोरा भाजपा शासित है क्षेत्र में भाजपा के विधायक अनुज शर्मा जी हैं सारे जनप्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी से हैं उसके बाद भी हादसे के महीनों बाद आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष ने थोड़ी सी गंभीरता दिखाई है, अब देखना होगा कि उनका निर्देशन और आश्वासन कब तक पूरा हो पाता है।
बताते चलें की नगर पंचायत खरोरा का तिरंगा चौराहा बहुत ही खतरनाक यातायात व्यवस्था से जूझ रहा है, अब क्योंकि डिवाइडर युक्त टू लेन सड़क बन चुकी है और यह रास्ता तिल्दा आरंग बलोदा बाजार को जोड़ती है ऐसे में बड़े-बड़े ट्रेलर ट्रक और व्यावसायिक वाहन लगातार चल रही है और इसी रास्ते से होकर बच्चे स्कूल जाते हैं, नगर का सबसे बड़ा पीएम श्री भरत देवांगन स्कूल इस सड़क के उस पार है और पूरा नगर इस पार!
ऐसे में हर किसी को, हर दिन कम से कम 10 बार यह सड़क पार करना होता है यही सड़क पार कर लोग बस पकड़ने नए बस स्टैंड की ओर जाते हैं! विडंबना देखिए जिन बसों को आबादी क्षेत्र में आकर सवारियां उठानी चाहिए वही सवारियां नगर से उठकर पैदल चलते हुए बस तक पहुंचती हैं और दूसरी ओर बड़े-बड़े ट्रक और ट्रेलर्स नगर के बीचो-बीच तेज रफ्तार से यमदूत बने दौड़ रहे हैं!
नगर के जनप्रतिनिधियों को जवाबदारों को प्रशासन को क्या ऐसी व्यवस्था नहीं करनी चाहिए जिससे आम जनता को सुलभ यातायात सुविधा मिले?
